ललित सुरजन की कलम से - देशबन्धु:चौथा खंभा बनने से इंकार- 20
1971 में संपन्न आम चुनाव में माधवराव सिंधिया भी जनसंघ टिकट पर जीत दर्ज कर राजनीति में आ गए

1971 में संपन्न आम चुनाव में माधवराव सिंधिया भी जनसंघ टिकट पर जीत दर्ज कर राजनीति में आ गए। इसके पश्चात तीन आम चुनाव और बीत गए जिनमें श्री सिंधिया एक बार निर्दलीय और दो बार कांग्रेस टिकट पर विजयी हुए किंतु न जाने क्यों उनके साथ परिचय या संवाद का कोई संयोग लंबे समय तक नहीं बना।
सन् 1985 में फोन पर ही पहली बार उनसे बात हुई जिसका माध्यम बने उनके मित्र और सहयोगी महेंद्र सिंह कालूखेड़ा। एक साल पहले राजीव गांधी की नितांत अभिनव पहल व व्यक्तिगत रुचि से इनटैक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज) अर्थात भारतीय सांस्कृतिक निधि की स्थापना की गई थी।
राजीवजी को इसका विचार इंग्लैंड के नेशनल ट्रस्ट को देखकर आया था जो वहां सांस्कृतिक/ सामाजिक/ शिल्पगत/ ऐतिहासिक महत्व की लाखों इमारतों का संरक्षण करता है। राजीव गांधी के साथ माधवराव सिंधिया इनटैक के संस्थापक सदस्यों में एक थे।
(देशबन्धु में 22 अक्टूबर 2020 को प्रकाशित)
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