2025 की धुरंधर एंट्री
दुनिया में एंट्री का मतलब क्या है? वो नहीं जो आप सोच रहे - बस दरवाजा खोलकर अंदर आना।

— डॉ अतुल गोयल
दुनिया में एंट्री का मतलब क्या है? वो नहीं जो आप सोच रहे - बस दरवाजा खोलकर अंदर आना। नहीं साहब, एंट्री वो है जो लोगों को हंसाए, चौंकाए, और सोचने पर मजबूर कर दे! 2025 वो साल था जब 'एंट्री' का मतलब सिर्फ घुसना नहीं रहा - बल्कि वो स्टाइल जो दुश्मनों को हिला दे, दर्शकों को लूट ले, या वोटरों को बहका दे! एक तरफ भारतीय सेना की ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में एंट्री, मिसाइलों से 'सिंदूर' लगाते हुए, मानो कह रही हो, 'बॉर्डर क्या, हम तो तुम्हारे घर में घुसकर पार्टी करेंगे!' दूसरी तरफ, फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना का रहमान डकैत, जो 'खुश फसला' पर एंट्री मारता है, जैसे डकैती नहीं, बल्कि बॉलीवुड का महंगा प्रचार स्टंट हो। और तीसरी, बिहार चुनाव में एनडीए की आशा से ज्यादा सीटें लूटने के बाद मोदी जी की गमछा लहराती एंट्री, मानो विपक्ष को ताना मार रहे हों, 'देखो, हमारी लूट बिना बंदूक के!'
धूल उड़ाती सड़कें, पठानी सूट में रहमान डकैत की एंट्री और वो नजरें जो कहती हैं, 'मैं डकैत हूँ, लेकिन फैशन वाला - ब्रांडेड!' बैकग्राउंड में 'फसला' बजता है, और वो चलता है जैसे पूरी दुनिया उसकी जेब में हो। वायरल इतना कि लोग घर पर ट्राई करते हैं - बस बंदूक की जगह सेल्फी स्टिक पकड़कर!
दूसरी तर$फ मोदी जी की एंट्री? चुनाव जीतने के बाद गमछा लहराते हुए, जैसे कोई लोकल हीरो नहीं, बल्कि ग्लोबल सुपरस्टार! बिहार के चुनाव में, जहां चुनाव विश्लेषण काँटे की टक्कर बता रहे थे लेकिन इन अनुमानों को धत्ता बताकर मोदी ले आए 204 सीट, जैसे वोटों की लूट। समर्थक चिल्लाते 'मोदी-मोदी ', और वो वेव - इतना जोरदार कि गमछा खुद उड़कर सेलिब्रेशन कर रहा हो।
डकैत की बंदूक से गोली निकलती है, लेकिन मोदी जी का गमछा? वो तो विपक्ष की हवा निकाल देता है - बिना फायर किए!
जिंदगी में हम सबकी एंट्री ऐसी ही होनी चाहिए - चाहे ऑफिस में लेट पहुंचो, तो भी बॉस कहे, 'वाह, क्या स्वैग!' दोनों में कॉमन क्या है ? दोनों ने दिखाया कि स्टाइल से कुछ भी जीता जा सकता है - फिल्म हो या चुनाव!
फिल्म में रहमान का 'फसला' - वो गाना जो सुनकर पैर खुद थिरकने लगें। अक्षय खन्ना डांस करते हुए ऐसे लगते हैं जैसे डकैत नहीं, डीजे का भाई! वायरल रील्स में लोग इसे कॉपी करते हैं - लेकिन असली डकैत ट्राई करें तो पुलिस आ जाएगी। ये गाना इतना हिट कि अब शादियों में बजता है - 'डकैत एंट्री' स्पेशल!
उधर मोदी जी की एंट्री में म्यूजिक? लाइव चैंट्स - 'मोदी-मोदी' का वो शोर जो कान में घुस जाए। गमछा लहराते हुए वो मुस्कान, जैसे कह रहे हों, 'जीत गई हमारी टीम, अब डांस!' जिंदगी के हर मोमेंट में बैकग्राउंड म्यूजिक चाहिए - चाहे परीक्षा पास हो या सब्जी खरीदो, बस थोड़ा ड्रामा ऐड करो। दोनों एंट्रीज ने सोशल मीडिया को हिला दिया - एक टिकटॉक पर, दूसरा मीम्स में। कौन जीता? दोनों, क्योंकि मनोरंजन का कोई अंत नहीं!
रहमान की एंट्री फिल्म को ब्लॉकबस्टर बनाती है - लोग कहते, 'वाह, क्या ठसक!' फिल्म खत्म, डकैत गायब। मोदी जी की एंट्री? रियल लाइफ में जीत, जो लोगों को इंस्पायर करती है - 'अप्रत्याशित कुछ भी हो सकता है! '
हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में भी ऐसी एंट्रीज होती हैं - जैसे पार्टी में लेट पहुंचो और सब ताली बजाएं। दोनों ने साबित किया कि वह ड्रामा के किंग है - चाहे सिनेमा हो या पॉलिटिक्स!
अंत में, अगर रहमान और मोदी जी की एंट्री मिला दें? बन जाएगी एक सुपरफन फिल्म - जहां डकैत गमछा लहराकर चुनाव लड़ता है! व्यंग्य यही: जीवन एक बड़ा शो है, एंट्री अच्छी हो तो सब हिट। हंसो, शेयर करो, और अगली एंट्री के लिए तैयार रहो - क्योंकि जिंदगी में ड्रामा कभी खत्म नहीं होता! जय हो, और हंसी जारी रहे!


