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शिवराज बोले, फकीरी में जो आनंद, वह अमीरी में नहीं

भोपाल ! मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जहाँ आर्थिक रूप से सम्पन्न नागरिकों द्वारा अपनी जरूरत से ज्यादा सामग्री जरूरतमंदो को देने के लिए आनंदम कार्यक्रम की शुरूआत की है।

शिवराज बोले, फकीरी में जो आनंद, वह अमीरी में नहीं
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जरूरतमंदों की मदद के लिए आनंदम की शुरूआत
भोपाल ! मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जहाँ आर्थिक रूप से सम्पन्न नागरिकों द्वारा अपनी जरूरत से ज्यादा सामग्री जरूरतमंदो को देने के लिए आनंदम कार्यक्रम की शुरूआत की है। प्रत्येक जिले में ऐसे स्थान तय किए गए हैं जहाँ नागरिक जरूरतमंदों के लिए सामग्री दान दे सकते हैं और जरूरतमंद उन्हें ले सकते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मकर संक्रांति के पावन पर्व पर नवगठित आनंद विभाग के आनंदम कार्यक्रम की शुरूआत स्थानीय टी. टी. नगर स्टेडियम से की। इस अवसर पर उन्होंने कहा, कि फकीरी जो आनंद मिलता है, वो अमीरी में नहीं। उन्होंने यह भी कहा, कि लोगों की आंखों में आंसू हो तो फिर सरकार किसलिए है। उनका कहना था, कि खुशी के लिए धन, संसाधन और पद-प्रतिष्ठा ही पर्याप्त नहीं है।
श्री चौहान ने कहा कि सच्चा आनंद दूसरों की मदद करने से मिलता है। नागरिको में प्रसन्न्ता का प्रतिशत बढ़ाने के लिये आनंदम कार्यक्रम जैसी पहल की गयी है। उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोंण लाने के उद्देश्य से आनंद सभाओं का आयोजन किया जायेगा। विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखते हुये उन्हें जीवन जीने की कला भी सिखायी जायेगी।

मुख्यमंत्री और पत्नी ने दान की वस्तुएं
मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह ने अपने जरूरत से ज्यादा सामान्य जैसे जैकेट, साडिय़ाँ, कम्बल, बर्तन, स्कूल बैग जरूरतमंदों के लिए दान दिए। श्री चौहान एवं श्रीमती साधना सिंह ने पतंग भी उड़ाई।

समझाई आनंदम की अवधारणा
मुख्यमंत्री ने आनंदम की अवधारणा समझाते हुए कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि दान के बिना अन्न जहर के समान होता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसी उपयोगी वस्तुओं को जरूरतमंदो को दे जो उनके पास आवश्यकता से ज्यादा है जैसे कपड़े, कंबल, किताबें, बर्तन, फर्नीचर या अन्य सामग्री। उन्होंने माताओं बहनों से भी आग्रह किया कि वे इस पहल को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रूप से जिला मुख्यालयों में शुरूआत हुई है। इसे क्रमश: शहरों, पंचायत स्तर पर ले जाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बताया, कि इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 21 जनवरी तक आनंद उत्सव मनाया जायेगा। इसमें आनंद देने वाली गतिविधियों जैसे पारम्परिक खेल, नृत्य एवं संगीत की गतिविधियाँ शुरू की गई हैं। सभी आयु वर्ग के लोग इसमें भाग ले रहे हैं। आनंद विभाग गठित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि फिलहाल राजधानी में टी.टी.नगर स्टेडियम, कान्सेप्ट स्कूल साऊथ टी.टी. नगर, संजय तरण पुष्कर- कोहेफिजा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र और स्वर्ण जयंती पार्क कोलार रोड में व्यवस्था की गयी है। इसी तरह यह व्यवस्था सभी जिला मुख्यालयों में शुरू की गई है।


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