विदिशा में युवक ने की आत्महत्या, एससी एसटी एक्ट में फंसाने का आरोप

 मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में एक युवक ने कथित तौर पर अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में फंसाए जाने के डर से आत्महत्या कर ली

Update: 2018-10-22 12:38 GMT

विदिशा ।  मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में एक युवक ने कथित तौर पर अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में फंसाए जाने के डर से आत्महत्या कर ली।

आरोप है कि युवक राजेंद्र सिंह राजपूत (40) का दशहरे की रात गांव ही सुंदरलाल अहिरवार से विवाद हो गया था। सुंदरलाल अहिरवार ने कथित तौर पर राजेंद्र सिंह राजपूत को अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत फंसाने की धमकी दी, जिसके बाद राजेंद्र सिंह राजपूत ने अपने घर में फांसी लगा ली।

कोतवाली पुलिस सूत्रों ने बताया कि दशहरे के दिन डायल-100 को गांव गजार-मूंडरा में विवाद के बाद राजेन्द्र सिंह राजपूत नाम के युवक द्वारा फांसी लगाने के बारे में सूचना मिली। डायल-100 वाहन से शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया। पोस्टमार्टम के बाद मर्ग कायम कर प्रकरण को जांच में लिया गया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

मृतक युवक के बेटे रवि राजपूत ने आरोप लगाया कि दशहरे की रात उसके पिता का विवाद सुंदरलाल अहिरवार से हुआ था। सुंदरलाल अहिरवार ने उसके पिता को इस अधिनियम में बंद करवाने की धमकी दी, जिसके बाद उसके पिता और घर वाले तनाव में आ गए और उसके पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

वहीं कल मामला सामने आते ही सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) के उपाध्यक्ष विजय वाते और वीणा घाणेकर राजेंद्र सिंह राजपूत के परिवार से मिलने गए। उन्होंने सरकार से मृतक के परिवार को एक करोड़ रूपये की आर्थिक मदद देने और सुंदरलाल अहिरवार पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। सपाक्स ने प्रदेश के लोगों को इस कानून के परिणाम बताने की भी घोषणा की। 
 

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