ईयू ने क्यों गिराया कनाडा को "एसोसिएट सदस्य" बनाने का आइडिया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कड़े एतराज के बाद, यूरोपीय संघ ने कनाडा को "एसोसिएट सदस्य" बनाने का विचार रद्द किया.;
सितंबर में यूरोपीय आयोग की प्रमुख ने कनाडा को ईयू का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने का आइडिया पेश किया. ट्रंप इससे बिफर पड़े. अब ईयू ने यह आइडिया, रद्द कर दिया है.
27 यूरोपीय देशों के समूह, यूरोपीय संघ ने अब तक किसी गैर यूरोपीय देश को अपना "एसोसिएट मेम्बर" नहीं बनाया है. सितंबर में पहली बार यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला फोन डेय लाएन ने कनाडा को एसोसिएट सदस्य बनाने का विचार पेश किया. 16 सितंबर 2026 को अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में उन्होंने कहा कि कनाडा को ईयू का एसोसिएट सदस्य बनना चाहिए. ईयू के इस प्रस्ताव का स्वागत, यूरोप पहुंचे कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी किया.
लेकिन कनाडा के पड़ोसी, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसकी कड़ी आलोचना की. डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईयू इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ा तो वे यूरोपीय संघ के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे शत्रुतापूर्ण बताते हुए यूरोपीय संघ पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी.
आयोग के प्रस्ताव पर जताई कई देशों ने नाराजगी
अब यूरोपीय संघ ने एसोसिएट सदस्य वाला यह प्रस्ताव गिरा दिया है. यूरोपीय संघ और कनाडा द्वारा जारी एक साझा ड्राफ्ट स्टेटमेंट से "एसोसिएट मेम्बर" और "एसोसिएटेड मेम्बरशिप" जैसे शब्दों को हटा दिया गया है.
जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक, जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स और कई अन्य यूरोपीय नेताओं ने ईयू पर दबाव डाला कि वह ड्राफ्ट से इन शब्दों को हटाए. इन नेताओं के मुताबिक, इस तरह की सदस्यता का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं है. साथ ही यह भी कहा गया कि आयोग ने सदस्य देशों से परामर्श किए बिना यह फैसला किया, जिसके चलते उन्हें आपत्ति है.
इसके बाद तैयार साझा बयान कहता है, कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच "अब तक का सबसे करीबी मिलाप" होगा. असल में दोनों पक्ष लंबे समय से अपने वित्तीय बाजारों को जोड़ना चाह रहे हैं. इसके तहत अंतरमहाद्वीपीय भुगतान में लगने वाले समय और शुल्क को घटाने में मदद मिलेगी.
ईयू और कनाडा का सम्मेलन
माना जा रहा है कि साझा बयान शुक्रवार को कनाडाई शहर मॉन्ट्रियाल में पेश किया जाएगा. मॉन्ट्रियाल में फिलहाल दो दिवसीय ईयू-कनाडा सम्मेलन होने जा रहा है. शुक्रवार को खत्म होने वाले इस सम्मेलन को ईयू-कनाडा-डिप्लोमैसी-ट्रेड-डिफेंस समिट नाम दिया गया है.
बुधवार को मॉन्ट्रियाल पहुंचने के बाद भी फोन डेय लाएन लगातार "एसोसिएट मेम्बर" शब्द का इस्तेमाल करती रहीं. एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, "एक महासागर यूरोप और कनाडा को अलग करता है. इसके बावजूद हमने इतनी नजदीकी पहले कभी महसूस नहीं की." आगे उन्होंने लिखा, "हमारी नई आकांक्षा है: कनाडा को पहले से कहीं करीब लाया जाना, ईयू के एक एसोसिएट सदस्य के तौर पर. और हम अपनी अनोखी साझेदारी को और भी आगे ले जाना चाहते हैं."
सोशल मीडिया पर लिखी ऐसी पोस्ट के तुरंत बाद ही यह खबर आई कि "एसोसिएट मेम्बर" शब्द हटा दिया गया है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मुताबिक, कनाडा और ईयू की साझेदारी किसी जुमले या चस्पे की मोहताज नहीं है. कार्नी इसे "भविष्य की साझेदारी" करार दे रहे हैं.
डीपीए के मुताबिक, साझा बयान का मसौदा कहता है कि दोनों पक्ष कारोबारी बाधाओं को कम करेंगे, निवेश को बढ़ावा देंगे, साथ ही अहम कच्चे माल, दवाओं और तकनीकों की आपूर्ति व सप्लाई पक्की करेंगे. एआई सुरक्षा को लेकर भी सहयोग बढ़ाने का एलान किया गया है. दोनों पक्ष कनाडा से यूरोप को अतिरिक्त तरल गैस की सप्लाई के लिए अध्ययन भी करेंगे.
फिलहाल अमेरिका, कनाडा का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है. यूरोपीय संघ दूसरे नंबर पर है. कार्नी इसी साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं. 2025 में ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से, कनाडा और अमेरिका के रिश्ते ऐतिहासिक रसातल पर हैं.