होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के दो कंटेनर जहाजों पर हमला, एक डूबा; सभी 43 क्रू सदस्य सुरक्षित
होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे सिंगापुर में पंजीकृत दो कंटेनर जहाजों पर मंगलवार और बुधवार को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किए जाने की खबर है। इस घटना में एक जहाज में आग लगने के बाद वह डूब गया, जबकि दूसरे जहाज को भी नुकसान पहुंचा। सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण (एमपीए) ने बुधवार को यह जानकारी दी।;
सिंगापुर। होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे सिंगापुर में पंजीकृत दो कंटेनर जहाजों पर मंगलवार और बुधवार को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किए जाने की खबर है। इस घटना में एक जहाज में आग लगने के बाद वह डूब गया, जबकि दूसरे जहाज को भी नुकसान पहुंचा। सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण (एमपीए) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
प्राधिकरण के अनुसार, जीएफएस प्राइड नामक जहाज हमले में क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई, जिसके बाद वह डूब गया। जहाज पर सवार सभी 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
वहीं, दूसरे जहाज जीएफएस गिजेल के बाहरी ढांचे को नुकसान पहुंचा। हालांकि, जहाज अपने इंजन की मदद से सुरक्षित लंगरगाह तक पहुंचने में सफल रहा। इस जहाज पर चालक दल के 22 सदस्य सवार थे और सभी सुरक्षित हैं। एमपीए ने बताया कि दोनों जहाजों में कोई सिंगापुरी नागरिक सवार नहीं था।
प्राधिकरण ने कहा कि वह जहाजों का प्रबंधन करने वाली कंपनी के संपर्क में है और स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है। एमपीए ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है।
इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने बुधवार को दावा किया कि एक कंटेनर जहाज प्रतिबंधित मार्ग से गुजरने की कोशिश के दौरान समुद्री बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया और डूब गया।
आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार माध्यम सेपाह न्यूज पर जारी बयान के अनुसार, जहाज होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक समुद्री बारूदी सुरंग से टकराया। इसके बाद उसमें विस्फोट हुआ और आग लग गई। ईरानी नौसेना ने दावा किया कि जहाज पर 2,500 से अधिक कंटेनर लदे थे।
ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उसने चेतावनी दी कि पानी में तैर रहे कंटेनरों से टकराने का खतरा है।
इससे पहले मंगलवार को सरकारी प्रसारक आईआरआईबी टीवी से बातचीत में आईआरजीसी नौसेना के कमांडर अली अजमाई ने कहा था कि आईआरजीसी की नौसेना फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट पर चौबीसों घंटे नियंत्रण रखती है, जबकि ओमान की खाड़ी ईरानी सेना की नौसेना के नियंत्रण और निगरानी में है।
अजमाई ने कहा कि ईरान की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर है। उन्होंने दावा किया कि फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इच्छा रखने वाले जहाजों को अनुमति लेनी होगी और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत जवाबदेह होना पड़ेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की ओर से कथित तौर पर किए जाने वाले छल या उकसावे के तहत समुद्री नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ ईरान निर्णायक कार्रवाई करेगा।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और सख्त कर दी थी। ईरान के अनुसार, उसके क्षेत्र पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद उसने इजरायल और अमेरिका के स्वामित्व वाले या उनसे संबद्ध जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगा दी थी।