ट्रंप ने रूसी ऊर्जा खरीदारों पर टैरिफ लगाने का कानून रोका

डॉनल्ड ट्रंप यह कानून रूसी तेल खरीदने वालों को सजा देने के लिए लाए थे.;

Update: 2026-10-17 09:05 GMT

रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर अमेरिका ने जो टैरिफ लगाया था उसे रोक दिया गया है. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर के जरिए नए कानून पर रोक लगा दी है.

लिंडसे ग्राहम एक्ट के जरिए ट्रंप प्रशासन को रूसी तेल और गैस के प्रमुख खरीदारों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिला था. इन देशों में भारत भी शामिल है. अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राम इस बिल के प्रायोजक थे उन्हीं के नाम पर इसे यह नाम मिला.

डॉनल्ड ट्रंप ने सितंबर के मध्य में इस बिल पर दस्तखत कर इसे कानून का रूप दिया था. इसमें रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र के साथ ही, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूसी वरिष्ठ अधिकारियों और उन कथित रूसी छद्म बेड़ों को निशाने पर रखा गया जिन का इस्तेमाल पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से बचने में किया जा रहा था. डॉनल्ड ट्रंप ने एग्जिक्यूटिव ऑर्डर में कहा है, "मैंने कांग्रेस से यह पुष्टि की है कि इस समय छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरी है."

भारत, चीन समेत कई देशों की मुश्किल घटी

चीन और भारत जैसे देश रूसी तेल के सबसे बड़े खरीदार हैं. उन्होंने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को लेकर चिंता जताई थी. चीन ने बार-बार कहा यह "कानूनी अधिकार सीमा को ऐसे मामलों तक बढ़ा रहा है जिसका किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है." दूसरी तरफ भारत ने चेतावनी दी कि नए टैरिफ आपसी रिश्तों पर असर डाल सकते हैं. अब इस कानून पर रोक लगने से इन देशों के लिए तेल और गैस खरीदने में कोई बाधा नहीं रहेगी.

यह कानून राष्ट्रपति को यह हक देता है कि वह महज संसद को यह जानकारी देकर प्रतिबंधों को हटा सकते हैं कि उन्हें निश्चित रूप से लगता है कि ये राष्ट्रीय हित में नहीं हैं."

अमेरिका में कानून हटाने का विरोध

अमेरिका में वर्जीनिया के डेमोक्रैटिक सांसद डॉन बेयर ने कहा है, "ट्रंप का पुतिन के आगे ताजा समर्पण हमारे यूक्रेनी सहयोगियों को धोखा देता है और यह इस विधेयक को लेकर संसदीय मंशा का उल्लंघन है जो रूस को उसके अवैध जंग के लिए सजा देने के लिए तैयार किया गया था." रिपब्लिकन पार्टी के भी कई सांसदों ने पुतिन और ट्रंप की डीजल डील के लिए ट्रंप की आलोचना की है.

रूस पर प्रतिबंधों के मामले में ट्रंप का यू-टर्न पुतिन के साथ डीजल डील करने के बाद आया है. इस डील के तहत प्रतिबंध हटाने के बदले में रूस अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल की बड़ी मात्रा जारी करेगा. इस करार के ना होने की स्थिति में अमेरिका में डीजल की कीमत और ज्यादा बढ़ने की आशंका थी.

यूक्रेन के लिए झटका

चार वर्षों से ज्यादा समय से युद्ध झेल रहे यूक्रेन के लिए यह बड़ा झटका है. ट्रंप ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यूरोपीय संघ के नेताओं से अगले साल के युद्ध के लिए धन देते रहने का अनुरोध किया है. जेलेंस्की को अगले साल के लिए लगभग 80 अरब डॉलर की मदद चाहिए. उन्होंने कहा है कि वह अपने देश के लिए संघर्ष कर रहे हैं जबकि अमेरिकी समर्थन नीचे चला गया है.

राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान में छेड़े यु्दध से दुनिया भर के बाजार में तेल की कमी और उनकी कीमतों में इजाफा हुआ है. अमेरिका में बढ़ती कीमतों से लोग परेशान हैं और मिडटर्म चुनाव करीब होने के नाते नेताओं के लिए लोगों का सामना करना मुश्किल हो रहा है. ब्रसेल्स में जब जेलेंस्की से पत्रकारों ने पूछा कि क्या चुनाव से पहले ट्रंप की घरेलू चिंताओं के कारण उन्हें बली का बकरा बनाया जा रहा है. जवाब में जेलेंस्की मुस्कुरा दिए और थोड़ा रुक कर कहा, "यही मेरा जवाब है."

रूस ने कहा "ऐतिहिसिक पल"

रूस ने इस कानून को रोके जाने को “ऐतिहासिक पल“ बताया है. रूसी राष्ट्रपति के दूत किरील दिमित्रीव ने सोशल मीडिया पर कहा है, ट्रंप प्रशासन का ग्राहम एक्ट को निलंबित करना एक अहम और सचमुच ऐतिहासिक पल है.“

दिमीत्रीव ने यह भी कहा कि इस एक्ट ने „सबसे पहले अमेरिकी अर्थव्यवस्था को और साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार को भारी नुकसान पहुंचाया होता.”

शुक्रवार को सैन्य पोशाक में नजर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को यूक्रेन के बाकी हिस्सों पर कब्जा करने की मंशा जताई थी.

जेलेंस्की ने अपनी सेनाओं को रूसी रिफाइनरियों पर हमले बढ़ाने को कहा है. अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में बढ़ते तनाव का एक और संकेत तब मिला जब ट्रंप ने यूक्रेन की कार्रवाइ को "अपमान" कहा. यूरोपीय संघ के नेताओं से बातचीत के बाद जेलेंस्की का कहना है, "मैं खासतौर से यूक्रेन के हितों और यूक्रेनी लोगों की रक्षा करता हूं."

ट्रंप और जेलेंस्की के बीच मतभेद से यह आशंका तेज हो रही है कि अमेरिकी नेता रूस के करीब जा रहे हैं. इन चिंताओं को अमेरिकी सेटेलाइट सिस्टम में आई बाधा की खबरों से भी बल मिला है. इसकी वजह से यूक्रेन को रूसी बमबारी का जवाब देने में दिक्कत आ रही है.

यूक्रेन इलॉन मस्क की स्पेसएक्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल युद्धक्षेत्र में संचार के लिए करता है. हालांकि मस्क का कहना है कि सेवाओं में बाधा के लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है. एक अमेरिकी अधिकारी ने इस मामले में ट्रंप की दखलंदाजी से भी इनकार किया है.

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