अमेरिका में मृत्युदंड का तमाशा, जिंदा बची महिला कैदी

उसे दो प्राणघातक इंजेक्शन दिए गए. लेकिन पाइक बच गई. अब सजा के तरीके और पाइक के भविष्य पर बहस शुरू हो गई है.;

Update: 2026-10-02 07:51 GMT

18 साल की उम्र में की गई हत्या के लिए क्रिस्टा गेल पाइक को 31 साल बाद मौत की सजा दी जा रही थी. उसे दो प्राणघातक इंजेक्शन दिए गए. लेकिन पाइक बच गई. अब सजा के तरीके और पाइक के भविष्य पर बहस शुरू हो गई है.

अमेरिकी प्रांत टेनेसी के बीते 200 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला कैदी को मृत्युदंड की सजा दी जानी थी. क्रिस्टा पाइक की जिंदगी लेने के लिए बुधवार सुबह 10 बजे का समय तय किया गया. सजा देने से ठीक एक घंटा पहले एक अपील कोर्ट ने जानलेवा इंजेक्शन देकर मौत देने पर रोक लगा दी. लेकिन कुछ घंटे बाद प्रांत के सुप्रीम कोर्ट ने जानलेवा इंजेक्शन से मौत देने को बहाल कर दिया.

इसके बाद बुधवार शाम अधिकारियों ने मेडिकल स्टाफ की निगरानी में 50 साल की क्रिस्टा पाइक को पेंटोबार्बीटाल इंजेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू की. इस दौरान कुछ पत्रकारों को एक दूसरे कमरे में रखा गया था. कांच की दीवार के जरिए वो मृत्युदंड की ये प्रक्रिया देख सकते थे. शाम 7 बजकर 27 मिनट पर पर्दा उठा और मीडिया ने दिखा कि पाइक को बेल्टों के सहारे बिस्तर पर बांधा गया है. अपने आखिरी शब्दों में पाइक ने कहा, "मैं यह संसार छोड़ने जा रही हूं, उसी तरह जैसे मैने अपनी ज्यादातर जिंदगी बिताई है...प्यार में."

जीवन खत्म करने लायक दवा की डोज पाइक को दी जा चुकी थी. चश्मदीदों और सजा दे रहे अधिकारियों को लग रहा था कि बेहोशी में दाखिल होने के बाद पाइक दम तोड़ देगी. लेकिन पाइक की आंखें खुली रही. एक लम्हे पर तो उसने अपना सिर भी उठाया और जेल अधिकारियों से पूछा कि बांह पर जो महसूस हो रहा है, वह आम बात है क्या?

करीब घंटे भर बाद शाम 8 बजकर 26 मिनट पर चश्मदीदों ने देखा कि पाइक को पेंटोबार्बीटाल की दूसरी डोज दी गई है. इसके बाद पर्दा लगा दिया गया. इस दौरान माइक्रोफोन के जरिए चश्मदीदों को पाइक के खर्राटे सुनाई पड़ते रहे. 8 बजकर 53 मिनट पर माइक्रोफोन के इस कनेक्शन को काट दिया गया और फिर मीडिया को चश्मदीद एरिया से बाहर ले जाने का आदेश दिया गया.

अमेरिका में जानलेवा इंजेक्शन दिए जाने के बाद सात लोग बच चुके हैं. मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, इन सभी मामलों में जहरीला इंजेक्शन लगाने के लिए जरूरी नस नहीं मिली. लेकिन बाद में इन सभी सात लोगों मौत हो गई. अमेरिका में डेथ पेनल्टी इंफॉर्मेशन सेंटर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रॉबिन एम मैहर के मुताबिक पाइक का मामला "अकेला और असामान्य" है.

क्या है पेंटोबार्बीटाल

पेंटोबार्बीटाल, बार्बीचुरेट ग्रुप की दवा है. जर्मन फॉर्मास्यूटिकल जर्नल के मुताबिक, इस ग्रुप की दवाएं, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में मौजूद तंत्रिका कोशिकाओं को धीमा कर देती हैं.

पेंटोबार्बीटाल, कई किस्म के काम करने वाली दवा है. कुछ खास मामलों में डॉक्टर इसकी मदद से रोगी को आराम पहुंचाते हैं. इसकी जरा सी ऊंची डोज नींद देती है और एनिसथीसिया के लिए भी इस्तेमाल की जाती है. लेकिन इसकी ओवरडोज, शरीर के तंत्रिका तंत्र को बंद करने लगती है. इस दौरान सांस लेने में परेशानी होने लगती है, ब्लड प्रेशर बहुत गिर जाता है, तेज बेहोशी के साथ दिल भी धड़कना बंद कर देता है.

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पेंटोबार्बीटाल की ओवरडोज को अमेरिका में मृत्युदंड के लिए और स्विट्जरलैंड में चिकित्सकीय सहायता से इच्छामृत्यु देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में मृत्युदंड को लेकर इस दवा की क्षमता पर संदेह जताते हुए कहा गया कि ये "अनावश्यक दर्द और पीड़ा" पहुंचाती है. संघीय मुकदमों में मृत्युदंड के लिए बाइडेन प्रशासन ने इस दवा को बैन कर दिया. लेकिन यह प्रतिबंध प्रांतों पर लागू नहीं होता है. अमेरिकी के कई राज्य मृत्युदंड अपने तरीके से देने का फैसला कर सकते हैं.

क्या ये क्रूरता मुक्त मृत्युदंड है?

दो बार जहरीला इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी जब पाइक जीवित रही तो उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में उनकी जान बचाने की कोशिश की जा रही है. इस बीच पाइक के वकीलों ने बुधवार रात टेनेसी सुप्रीम कोर्ट में एक आपात याचिका दायर कर मृत्युदंड पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है. वकीलों का कहना है कि उनकी मुवक्किल "अनावश्क पीड़ा" में है और सजा देने का ये तरीका क्रूरता मुक्त और अजीब तरीके से मृत्युदंड ना दिए जाने के अधिकार का उल्लंघन करता है.

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इस पूरे वाकये के बाद अमेरिकी मीडिया में अब पाइक के जीवन के अधिकार पर भी बहस शुरू हो गई है. पाइक जब 18 साल की थी तब उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर 19 साल की एक लड़की की हत्या की. दोनों दोषियों ने कुछ दोस्तों के साथ, कॉलिन स्लेमर नाम की लड़की को जंगल के भीतर एक कैंप साइट पर बुलाया और फिर यातना देकर उसकी हत्या कर दी. अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि यातना देकर हत्या करने के पीछे पाइक की जलन थी. पाइक को लगता था कि कॉलिन, उसके बॉयफ्रेंड को पसंद करने लगी थी. अदालत ने 1996 में पाइक को मौत और उसके 17 साल के नाबालिग बॉयफ्रेंड को आजीवन कैद की सजा सुनाई.

इस मामले के सामने आने के बाद गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख फोल्कर टुर्क ने टेनेसी प्रशासन से अपील की है कि अगर दो घातक इंजेक्शनों के बाद भी पाइक जीवित रहती हैं तो उन्हें फिर से मृत्युदंड देने की कोशिश ना की जाए. इस बीच पाइक के मामले में किरकिरी झेलने के बाद टेनेसी की गर्वनर ने इस साल मृत्युदंड के सारे मामलों की तामीली पर रोक लगा दी है.

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