ईरान संघर्ष पर राष्ट्र को संबोधित करेंगे राष्ट्रपति ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं

Update: 2026-04-01 04:40 GMT

व्हाइट हाउस ने किया ऐलान, ट्रंप देंगे बड़ा अपडेट

  • ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ट्रंप का संबोधन आज रात
  • परमाणु फैसिलिटी पर हमले के बाद ट्रंप की नई रणनीति पर सबकी नजर
  • अमेरिकी जनता में असंतोष, ट्रंप का भाषण तय करेगा अगला कदम

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप बुधवार रात (भारत में गुरुवार सुबह) देश को संबोधित करेंगे और मौजूदा हालात पर अहम जानकारी देंगे।

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट ने इस संबोधन की घोषणा करते हुए कहा, "बुधवार रात 9 बजे (अमेरिकी समय अनुसार), राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट देने के लिए राष्ट्र को संबोधित करेंगे।"

यह संबोधन ऐसे समय पर हो रहा है, जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। हाल के दिनों में इस संघर्ष को लेकर अमेरिकी जनता के बीच असंतोष भी बढ़ता दिख रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान के भीतर अमेरिकी सैनिकों को भेजने पर विचार कर रहा है। इस मिशन का उद्देश्य ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को सुरक्षित करना हो सकता है। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन कुछ दिनों तक चल सकता है और इसमें विशेष प्रशिक्षित कमांडो बल शामिल होंगे, जिन्हें रेडियोएक्टिव सामग्री निकालने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

हालांकि, ऐसा मिशन अमेरिकी सैनिकों को ईरान की सीमा के अंदर गहराई तक ले जाएगा, जहां उन्हें ईरानी शॉर्ट-रेंज मिसाइलों और ड्रोन हमलों का खतरा बना रहेगा।

इस बीच, सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के एक शहर पर हमला किया, जहां देश की प्रमुख परमाणु फैसिलिटी में से एक स्थित है। इस्फहान परमाणु ऊर्जा केंद्र को पहले भी जून में अमेरिकी बी-2 बॉम्बर्स और एक पनडुब्बी द्वारा निशाना बनाया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का अधिकांश समृद्ध यूरेनियम इसी केंद्र में रखा गया है।

दूसरी ओर, तेहरान ने कूटनीतिक स्तर पर सावधानी भरा रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने साफ कहा कि पिछले 31 दिनों में अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है।

उन्होंने बताया कि अमेरिका की ओर से बातचीत का प्रस्ताव जरूर आया है, जो पाकिस्तान सहित कुछ मध्यस्थों के जरिए ईरान तक पहुंचा है।

फिलहाल, व्हाइट हाउस ने ट्रंप के संबोधन की पूरी जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें इस संघर्ष को लेकर अमेरिका की अगली रणनीति का खुलासा हो सकता है।

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