“मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता”: ट्रंप का बड़ा बयान
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है;
ईरान पर हमला टला, सोमवार से बातचीत शुरू
- खाड़ी देशों की पहल से बचा सैन्य टकराव
- तनाव के बीच उम्मीद: परमाणु समझौते की संभावना
वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर से मध्यस्थ देशों के जरिए शुरू होगी। ट्रंप ने यह भी बताया कि खाड़ी देशों की पहल के बाद उन्होंने ईरान पर होने वाले सैन्य हमले को रोक दिया है।
एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम बातचीत शुरू कर रहे हैं, देखते हैं आगे क्या होता है। मैं समझौता चाहता हूं, मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता क्योंकि इससे बहुत से लोग मारे जाते हैं।”
ट्रंप ने जानकारी दी कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ओमान की कोशिशों के चलते उन्होंने शुक्रवार को ईरान पर होने वाला बड़ा हमला रद्द कर दिया। इस क्षेत्र में जहाजों के आवागमन को लेकर विवाद चल रहा है और मध्यस्थ देश चाहते हैं कि 60 दिनों के लिए एक समझौता हो, जिसमें रास्ता खुला रहे और कोई टैक्स न लिया जाए।
जहां ईरान और ओमान के बीच इस मुद्दे पर बातचीत अंतिम दौर में है, वहीं ट्रंप को उम्मीद है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी कोई ठोस सहमति बन सकती है।
हालांकि, सऊदी अरब ने अमेरिका से संयम बरतने की अपील की है, जबकि यूएई का मानना है कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ और सख्त कदम उठाने चाहिए। दूसरी ओर, ईरानी सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया है।
ईरान की ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक समझौता नहीं हुआ है। अब सबकी निगाहें सोमवार से शुरू होने वाली बातचीत पर हैं—क्या इससे क्षेत्र में शांति आएगी या तनाव और बढ़ेगा, यह देखना बाकी है।