एलन मस्क की चेतावनी: 2028 में डेमोक्रेट्स जीते तो खत्म हो जाएगा अमेरिका का खेल!

मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित चुनावी जीत को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने दावा किया कि अगर डेमोक्रेट्स को संघीय सरकार के तीनों प्रमुख राजनीतिक केंद्रों पर नियंत्रण मिल गया, तो वे अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठा सकते हैं।;

Update: 2026-10-31 05:21 GMT

वॉशिंगटन: अमेरिका के अरबपति कारोबारी और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने देश की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। मस्क ने आशंका जताई है कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी ने 2028 के चुनाव में प्रतिनिधि सभा, सीनेट और राष्ट्रपति पद पर एक साथ जीत हासिल कर ली, तो अमेरिका की राजनीति में व्यापक बदलाव हो सकते हैं। उन्होंने इसे देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरा बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका का खेल खत्म हो जाएगा। मस्क का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट पर नियंत्रण हासिल करने के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। मस्क की टिप्पणी को रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में उनके राजनीतिक रुख और आगामी चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

वाशिंगटन डीसी और प्यूर्टो रिको को राज्य बनाने की आशंका

मस्क ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित चुनावी जीत को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने दावा किया कि अगर डेमोक्रेट्स को संघीय सरकार के तीनों प्रमुख राजनीतिक केंद्रों पर नियंत्रण मिल गया, तो वे अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठा सकते हैं। मस्क के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी वाशिंगटन डीसी और प्यूर्टो रिको को अमेरिकी राज्य का दर्जा देने की कोशिश कर सकती है। इसके अलावा, उन्होंने अवैध प्रवासियों को कानूनी मान्यता देने और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की संभावनाओं का भी जिक्र किया। मस्क का तर्क है कि इन कदमों से डेमोक्रेट्स को चुनावी और संस्थागत स्तर पर फायदा मिल सकता है। हालांकि, ये उनकी ओर से जताई गई राजनीतिक आशंकाएं हैं। इन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से घोषित या निश्चित नीतियों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में बदलाव को लेकर भी उठाए सवाल

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा वहां लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। मौजूदा व्यवस्था में सुप्रीम कोर्ट में नौ न्यायाधीश हैं। न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से अदालत की संरचना और उसके फैसलों पर संभावित प्रभाव को लेकर दोनों राजनीतिक खेमों में अलग-अलग विचार रहे हैं। मस्क को आशंका है कि यदि डेमोक्रेट्स को सरकार के सभी प्रमुख संस्थानों पर नियंत्रण मिल गया, तो वे ऐसे बदलाव कर सकते हैं, जिनसे लंबे समय तक एक ही पार्टी का प्रभाव बना रहे। उनके अनुसार, इससे अमेरिकी लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ सकती है। हालांकि, अमेरिका की संवैधानिक व्यवस्था में राज्य का दर्जा देने और सुप्रीम कोर्ट की संरचना बदलने जैसे कदमों के लिए कानूनी तथा विधायी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है। इसलिए इन संभावित बदलावों को केवल चुनावी जीत के आधार पर निश्चित नहीं माना जा सकता।

रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट देने की अपील

मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों से आगामी चुनावों में अपनी पार्टी के सीनेट उम्मीदवारों को वोट देने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि 2029 में सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के 51 सदस्य होना प्रस्तावित बदलावों को रोकने के लिए पर्याप्त होगा। उनकी इस अपील से स्पष्ट है कि मस्क अमेरिकी राजनीति में रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति मजबूत बनाए रखने के पक्ष में हैं। सीनेट में बहुमत किसी भी राष्ट्रपति के लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति और कई अहम विधायी फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है।

रिपब्लिकन राजनीति में मस्क का बड़ा आर्थिक योगदान

इस बीच, मस्क का चुनावी खर्च भी चर्चा में है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों और राजनीतिक संगठनों के समर्थन में 44.2 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च किए हैं। हालिया चुनावी वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार, उन्होंने अपने अमेरिका पीएसी को अतिरिक्त 7.68 करोड़ डॉलर भी दिए हैं। मस्क का यह आर्थिक योगदान ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल करना दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। मध्यावधि चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शेष कार्यकाल के दौरान सरकार की नीतियों और विधायी एजेंडे को भी प्रभावित कर सकते हैं।

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