विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी सेना का ऐलान हर हाल में राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेंगे
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, ईरानी सेना ने कहा है कि वह देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगी
इजरायल और आतंकी संगठनों पर आरोप सेना बोली दुश्मन शांति भंग करने की कोशिश में
- खामेनेई के नेतृत्व में सशस्त्र बलों की निगरानी रणनीतिक ढांचों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा का संकल्प
- विदेशी हस्तक्षेप से शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक बने संवैधानिक परिषद और तस्नीम एजेंसी का दावा
- बहारिस्तान में 100 लोग गिरफ्तार नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले का आरोप
तेहरान। ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, ईरानी सेना ने कहा है कि वह देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगी। सेना ने रणनीतिक ढांचों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा का भी संकल्प लिया है। साथ ही, चल रहे प्रदर्शनों के बीच लोगों से एकजुट रहने और “दुश्मन की साजिशों को नाकाम करने” की अपील की है।
एक बयान में सेना ने आरोप लगाया कि इजरायल और कुछ “शत्रुतापूर्ण आतंकवादी संगठन” देश के शहरों में शांति और व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सेना का कहना है कि ये ताकतें जनता की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने और ईरानी लोगों के नाम पर एक और विद्रोह भड़काने का प्रयास कर रही हैं। सेना ने आम लोगों से सतर्क रहने और एकजुट होकर दुश्मन की साजिशों को विफल करने को कहा है। बयान में यह भी कहा गया कि ईरान इस समय “युद्ध की स्थिति” से गुजर रहा है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि सेना ने कहा कि वह अन्य सशस्त्र बलों के साथ मिलकर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के नेतृत्व में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखेगी। साथ ही देश के हितों की मजबूती से रक्षा करते हुए महत्वपूर्ण ढांचों और सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखेगी। यह जानकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी।
उधर, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि देश की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने मौजूदा हालात के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरान की संवैधानिक परिषद के प्रवक्ता ने भी कहा है कि देश में हो रहे प्रदर्शनों के पीछे विदेशी दखल है। उन्होंने बताया कि लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहे थे, लेकिन विदेशी हस्तक्षेप के कारण ये हिंसा और अशांति में बदल गए।
अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि हादी तहान नाजिफ ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "विदेशी हस्तक्षेप ने लोगों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को हिंसक आंदोलन में बदल दिया है। जबकि पहले ये सिर्फ लोगों के लिए आजीविका की मांगों तक सीमित था।
इसी दिन बहारिस्तान शहर के गवर्नर ने बताया कि सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने और दंगे कराने के आरोप में 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके अनुसार, इन लोगों ने आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर आग्नेय और धारदार हथियारों से हमला किया था।