फ्रांस में हिंसा के बीच माक्रों ने गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकराया
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने सोमवार को देशभर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूकों को जिम्मेदार ठहराया.;
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार को रूस पर कुछ प्रतिबंधों में छूट देने के अपने फैसले का बचाव किया
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग: राजस्थान के कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार
सीजेपी के नेता अब भी हिरासत में, मजिस्ट्रेट ने जान से मारने की धमकी मिलने का दावा किया
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच माक्रों ने मानी सुरक्षा में चूक, गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकराया
वेस्ट बैंक में हिंसा के मामले में 10 संदिग्ध गिरफ्तार
ट्रंप ने जेलेंस्की पर युद्ध ना खत्म करने का आरोप लगाया
जर्मनी के उद्योगों में 4.96 लाख नौकरियां खत्म, ऑटोमोबाइल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
जर्मनी के औद्योगिक क्षेत्र में वर्ष 2019 से अब तक करीब 4.96 लाख नौकरियां खत्म हो चुकी हैं. सोमवार को जारी नए आंकड़ों के मुताबिक, देश के उद्योगों में रोजगार में 7.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. यह जानकारी आर्थिक शोध संस्थान इफो इंस्टिट्यूट के सर्वे में सामने आई है. इफो के अनुसार, 2019 की शुरुआत की तुलना में 2025 के अंत तक जर्मनी के औद्योगिक कारोबार में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या लगभग 4.96 लाख कम हो गई. यूरोप की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ऑटोमोबाइल उद्योग पर इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर पड़ा है. वाहन निर्माता कंपनियों और उनके सप्लायरों में कुल 1,23,500 नौकरियां खत्म हुई हैं. यह 13 प्रतिशत की गिरावट है.
इसके अलावा, धातु उद्योग में 1,15,600 कर्मचारियों की संख्या कम हुई जबकि मशीनरी क्षेत्र में 64,500 नौकरियां खत्म हो गईं. जहां औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार घटा है, वहीं सर्विस सेक्टर में वर्ष 2019 के बाद से 22 लाख से अधिक नई नौकरियां पैदा हुई हैं. इफो के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर नौकरियां स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सेवाओं और सरकारी प्रशासन के क्षेत्र में बनी हैं.
वेस्ट बैंक में हिंसा के मामले में 10 संदिग्ध गिरफ्तार
इस्राएली पुलिस ने सोमवार को कहा कि उसने इस्राएली नियंत्रण वाले वेस्ट बैंक में हुई हिंसक घटनाओं की जांच के सिलसिले में 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. इन घटनाओं में वॉशिंगटन पोस्ट की फोटो जर्नलिस्ट और यूरोपीय राजनयिकों पर अलग-अलग हमले शामिल हैं. अमेरिका ने यहूदी बस्तियों के निवासियों द्वारा की जा रही हिंसा पर सख्त कार्रवाई करने और वॉशिंगटन पोस्ट की फोटो जर्नलिस्ट हेइडी लेविन पर हमले के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी. फ्रांस, बेल्जियम और पोलैंड ने भी अपने राजनयिकों पर हुए हमलों को लेकर इजरायल से कार्रवाई करने के लिए कहा था.
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. उन पर हिंसक गतिविधियों में शामिल होने, प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र से जुड़े आदेश का उल्लंघन करने और अवैध निर्माण करने का संदेह है. पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है. सभी संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. हालांकि, इस्राएल की आर्मी रेडियो ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग इस्राएली नागरिक हैं.
नकाबपोश यहूदी बस्तियों के निवासियों ने बीते शुक्रवार को फोटो पत्रकार हेइडी लेविन पर हमला किया था. उस समय वह फलीस्तीनियों की जैतून की फसल की कटाई को कवर कर रही थीं. हमले में पत्रकार की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया. इसके अगले दिन, शनिवार को, बस्ती के निवासियों ने यूरोपीय राजनयिकों पर हमला कर दिया. इस दौरान फ्रांस के मेयर बर्नार्ड बोडू को भी निशाना बनाया गया.
मक्का की मस्जिद में ‘अनैतिक कृत्य’ के आरोप में सऊदी अरब ने दो बांग्लादेशियों को दिया मृत्युदंड
सऊदी अरब ने मक्का क्षेत्र की एक मस्जिद में कथित तौर पर ‘अनैतिक कृत्य’ करने के आरोप में दो बांग्लादेशी नागरिकों को 14 अक्टूबर , बुधवार को मृत्युदंड दिया. सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जांच के बाद उनके खिलाफ आरोप तय किए गए और मामला अदालत में भेजा गया. अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई.
इस मामले में जेद्दा स्थित बांग्लादेश के दूतावास ने कहा कि उसे मृत्युदंड दिए जाने से पहले इसकी सूचना नहीं दी गई थी. बांग्लादेश ने सऊदी अधिकारियों से दोनों नागरिकों को मृत्युदंड दिए जाने और मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है. 18 अक्टूबर को बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के राजदूत से भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था.
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सऊदी अधिकारियों ने अपने बयान में कथित अनैतिक कृत्य की सटीक प्रकृति और घटना किस मस्जिद में हुई थी, इसकी जानकारी नहीं दी. सऊदी अरब में बड़ी संख्या में दक्षिण एशियाई देशों के नागरिक काम करते हैं. करीब 30 लाख बांग्लादेशी सऊदी अरब में रहते और काम करते हैं.
सीजेपी के नेता अब भी हिरासत में, मजिस्ट्रेट ने जान से मारने की धमकी मिलने का दावा किया
जंतर-मंतर में प्रवेश करने के मामले में 14 अक्टूबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई में देरी हो रही है. दोनों नेताओं की जमानत पर सुनवाई रविवार को होनी थी, लेकिन विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट तय समय पर नहीं पहुंचे. बाद में उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिससे उनकी रिहाई में देरी हुई.
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने रांका और दास की जमानत से जुड़े मामले में मजिस्ट्रेट को धमकी देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने आरोप लगाया है कि आशुतोष रांका और सौरव दास को जेल में रखने के लिए जानबूझकर देरी की जा रही है. रविवार को सिंह ने कहा कि पार्टी ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं और अब केवल औपचारिक मंजूरी का इंतजार है.
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने भी डीडब्ल्यू से बातचीत में सुनवाई में देरी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “सुनवाई जानबूझकर देर से की जा रही है. कल भी दोपहर 2 बजे होने वाली सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट सीधे शाम को आए और कहा कि बेल देने के लिए उन्हें धमकियां मिल रही हैं. हम तो कानून के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं और आज हम बेल के लिए एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के पास दोपहर 2 बजे जा रहे हैं.”
सीजेपी के नेताओं को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों के बीच हिरासत में लिया गया था. पार्टी ने उन पर चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने में कथित भूमिका निभाने का आरोप लगाया है.
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग: राजस्थान के कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार
बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी. इस मामले में तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किए जाने की खबर है. तीनों ट्रेन में सफर कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, इनमें से दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है. मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत आरोप लगाए गए हैं. मुंबई डीसीपी मोहित गर्ग ने मीडिया को बताया कि पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं और कहा, "टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित हैं"
मुंबई पुलिस ने इस मामले में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. बाद में जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले लोगों ने हमले की जिम्मेदारी ली थी. हालांकि, पुलिस इस दावे और हमले के पीछे की वजह की जांच कर रही है.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि मुंबई में गैंगवार या गैंग से जुड़ी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. शिंदे रविवार देर रात मुंबई के बांद्रा इलाके में टाइगर श्रॉफ के घर भी पहुंचे. उन्होंने अभिनेता का हालचाल जाना, उनके परिवार से बात की और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया.
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच माक्रों ने मानी सुरक्षा में चूक, गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकराया
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने सोमवार को देशभर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूकों को जिम्मेदार ठहराया. हालांकि, उन्होंने संकट के बीच गृह मंत्री लॉरॉन नुनेस का इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया. इन प्रदर्शनों के बाद कम से कम 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान कई नगरपालिकाओं की इमारतों में आग लगा दी गई और सैकड़ों दुकानों और कारोबारों में लूटपाट और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं.
माक्रों ने गृह मंत्री नुनेस से कहा कि वे सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाने और खुफिया जानकारी जुटाने में हुई चूकों की पारदर्शी तरीके से जांच सुनिश्चित करें. साथ ही, उन्होंने सुरक्षा बलों को संकट से निपटने के लिए काम करने के नए तरीके अपनाने का निर्देश दिया. इसके अलावा माक्रों ने हिंसा के लिए वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया.
फ्रांस को ऐतिहासिक क्रांति के सबक याद दिलाते छात्र
साथ ही माक्रों ने लोगों की आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए भी कदम उठाने की घोषणा की. इनमें ईंधन की बढ़ती कीमतों और रोजमर्रा की जिंदगी के बढ़ते खर्च से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ईंधन और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल की है. इसके लिए वह खाड़ी देशों का दौरा भी करेंगे. उन्होंने हाई स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्रों की उन चिंताओं को भी स्वीकार किया और बताया कि युवाओं के साथ व्यवस्थित बातचीत शुरू की जाएगी ताकि उनकी समस्याओं के समाधान तलाशे जा सकें. वहीं, हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी ऐलान किया गया.
ट्रंप ने जेलेंस्की पर युद्ध ना खत्म करने का आरोप लगाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार को रूस पर कुछ प्रतिबंधों में छूट देने के अपने फैसले का बचाव किया. उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि वह युद्ध खत्म नहीं करना चाहते. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “रूस को लेकर मेरा फैसला बहुत सीधा है. मैं रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में शांति के लिए बातचीत कर रहा हूं और ऐसा कुछ नहीं करना चाहता, जिससे रूस बेवजह बातचीत की मेज से दूर चला जाए.”
उन्होंने आगे लिखा, “जेलेंस्की को इसकी परवाह नहीं है. सच कहूं तो यूरोप की ओर से उन्हें जो भारी आर्थिक मदद दी जा रही है और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पहले जो पैसा दिया था, उसे देखते हुए भी वह इस युद्ध को खत्म नहीं करना चाहते और शायद उन्होंने कभी ऐसा चाहा ही नहीं.”
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ट्रंप के आरोपों के बावजूद रविवार को कहा कि उन्होंने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर से बातचीत की है. उन्होंने कहा कि शांति की दिशा में प्रयासों के तहत दोनों पक्षों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है.
पुतिन और ट्रंप की डीजल डील क्या है?
ट्रंप ने शुक्रवार देर रात एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे जिसके तहत रूस पर नए व्यापक प्रतिबंधों को फिलहाल टाल दिया गया. इसके अलावा, ट्रंप ने रूसी डीजल पर लागू प्रतिबंधों में भी अस्थायी छूट दी है ताकि उसकी आपूर्ति वैश्विक बाजारों तक जारी रह सके. असल में अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने हैं और वहां इस समय डीजल की कीमतें बढ़ती ही जा रही हैं. इस कदम का उद्देश्य ईंधन की कीमतों को कम करना है.