शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या में गिरफ्तार हुआ बलिया का राज सिंह उर्फ चंदन, मां ने कहा- बेटा बेगुनाह

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया गया है।;

Update: 2026-05-11 11:26 GMT

कोलकाता। Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी कोलकाता पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान की गई। यह मामला 6 मई की रात का है, जब नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में नकाबपोश हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की एसयूवी को रोककर उन पर हमला किया था। वारदात इतनी सुनियोजित थी कि शुरुआती जांच में पुलिस को बहुत कम सुराग मिले थे। हालांकि बाद में तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से जांच एजेंसियां आरोपियों तक पहुंचने में सफल रहीं।

UPI भुगतान बना बड़ा सुराग


हत्या के बाद आरोपी सिल्वर रंग की कार से मौके से फरार हो गए थे। भागते समय उन्होंने बाली टोल प्लाजा पार किया, जहां उन्होंने टोल टैक्स का भुगतान नकद की बजाय यूपीआई के जरिए किया। यही एक गलती उनके लिए भारी पड़ गई। पुलिस ने उस यूपीआई ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रैक किया और धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क तक पहुंच गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, टोल प्लाजा पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों ने कार और उसमें बैठे लोगों की तस्वीरें भी रिकॉर्ड कर ली थीं। इन फुटेज की मदद से पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की दिशा में तेजी से काम शुरू किया। तकनीकी डेटा और वीडियो फुटेज के मेल से जांच को निर्णायक बढ़त मिली।

फर्जी नंबर प्लेट लगाकर गुमराह करने की कोशिश

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। सिल्वर रंग की जिस हैचबैक कार का इस्तेमाल किया गया, उस पर सिलीगुड़ी में पंजीकृत एक असली वाहन का नंबर इस्तेमाल किया गया था। पुलिस के मुताबिक, अपराधियों ने ऑनलाइन कार बिक्री पोर्टल से एक वाहन की तस्वीर डाउनलोड की और उसी आधार पर क्लोन नंबर प्लेट तैयार करवाई। उनका मकसद जांच एजेंसियों को गलत दिशा में भेजना था ताकि वाहन की वास्तविक पहचान छिपी रहे। हालांकि सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल ट्रैकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के सामने यह योजना ज्यादा देर टिक नहीं सकी। पुलिस ने जल्द ही कार और उसके इस्तेमाल से जुड़े सुरागों को जोड़ लिया।

बलिया का राज सिंह निकला मुख्य आरोपी

गिरफ्तार मुख्य आरोपी राज सिंह उर्फ चंदन उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आनंद नगर इलाके का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राज सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उस पर साल 2020 में एक अंडा व्यवसायी की हत्या का आरोप लग चुका है और वह फिलहाल जमानत पर बाहर था। जांच एजेंसियों को उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी कई अहम जानकारियां मिली हैं। उसके कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनकी भी जांच की जा रही है।

अयोध्या से हुई गिरफ्तारी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राज सिंह हाल ही में बलिया के एक भाजपा नेता की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए लखनऊ गया था। वहीं से लौटते समय उसे अयोध्या में दबोच लिया गया। कोलकाता पुलिस और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे लंबी पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।


मां ने बेटे को कहा बेगुनाह

बलिया से गिरफ्तार राज सिंह की मां जामवंती सिंह ने कहा कि बेटे को जब एसओजी टीम ने पकड़ा तो हम भी साथ में ही मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा अयोध्या में छुप कर नहीं रह रहा था। राज मेरे साथ और दोस्तों के साथ दर्शन करने गया था। 9 मई को अयोध्या पहुंचे थे और रामलला के दर्शन के बाद बलिया के लिए निकले थे। रास्ते में ढाबे पर खाना खाने के लिए रुके थे। वहीं एसओजी टीम ने राज और उसके दोस्तों को दबोच लिया था. मुझे भी साथ लेकर गए थे। राज की मां ने इंसाफ की मांग की है। उन्होंने कहा कि मेरे बेटा गलत नहीं है, इंसाफ होना चाहिए।

बिहार और पूर्वांचल के शूटरों की भूमिका

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बिहार और पूर्वांचल के पेशेवर शूटरों का इस्तेमाल किया गया था। विशेष जांच टीम ने बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को भी हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस इनके जरिए पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, राज सिंह के बिहार से भी संपर्क रहे हैं और बक्सर कनेक्शन की गहराई से जांच की जा रही है।

हत्या की साजिश और मास्टरमाइंड की तलाश जारी

पुलिस का मानना है कि यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को कोलकाता ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन, लोकेशन डेटा और आरोपियों के आपसी संपर्कों की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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