महुआ मोइत्रा को धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक बढ़ी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को गिरफ्तारी समेत किसी भी सख्त कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा को बढ़ा दिया।;
कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को गिरफ्तारी समेत किसी भी सख्त कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा को बढ़ा दिया।
उन पर एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है। अगली सुनवाई 13 जनवरी को तय की गई है।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने अगले साल 29 जनवरी तक अंतरिम सुरक्षा बढ़ाते हुए आदेश दिया कि मोइत्रा के खिलाफ जांच कानून के मुताबिक जारी रहेगी। जस्टिस भट्टाचार्य ने कृष्णानगर की सांसद को जांच के दौरान जांच अधिकारी का पूरा सहयोग करने का भी निर्देश दिया।
यह मामला इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों के बाद महुआ मोइत्रा के खिलाफ दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, आरोप है कि 15 जून को फेसबुक पर लाइव प्रसारण के दौरान मोइत्रा ने आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिनसे एक खास समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
अगले दिन, नदिया जिले में भाजपा के करीमपुर मंडल-4 ब्लॉक के महासचिव हीराक भट्टाचार्य ने उनके खिलाफ होगलबेरिया पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की।
मोइत्रा ने इस साल जुलाई में कलकत्ता हाईकोर्ट में एफआईआर को चुनौती दी। जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच ने उन्हें 5 अक्टूबर तक अंतरिम सुरक्षा दी थी। अब, गुरुवार को उसी अंतरिम सुरक्षा को 29 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।
एक अलग मामले में, कोर्ट ने मोइत्रा को उनके संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान उन पर हुए अंडे के हमले के बाद दी गई सुरक्षा व्यवस्था को जारी रखने का भी आदेश दिया। यह सुरक्षा 30 नवंबर तक बनी रहेगी।
पहले के आदेश के अनुसार, सांसद के अपने चुनाव क्षेत्र के दौरे के दौरान दो पुलिसकर्मी उनके साथ सुरक्षा के लिए रहेंगे। हालांकि, अंडे से हमले से जुड़े मामले अभी कलकत्ता के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव घुगे की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच में लंबित हैं। इसलिए, जस्टिस भट्टाचार्य ने गुरुवार को इस मामले की आगे की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।