पश्चिम बंगाल में नहीं चलेगा बागेश्वर बाबा का राजनीतिक तमाशा: टीएमसी नेता मदन मित्रा
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता मदन मित्रा ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर टिप्पणी करते हुए उन पर निशाना साधा;
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता मदन मित्रा ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर टिप्पणी करते हुए उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल में बागेश्वर बाबा को जरूरत से ज्यादा महत्व देने की कोई आवश्यकता नहीं है। मित्रा ने भाजपा की राज्य में स्थिति पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि पार्टी की सरकार केवल पांच से छह महीने ही चल पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही कोई निश्चित दिशा।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान कृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर मदन मित्रा ने कहा कि उनके सामने एक उदाहरण यह भी है कि भाजपा ने राम मंदिर का निर्माण कराया, लेकिन कृष्ण मंदिर नहीं बनवाया। संभव है कि बागेश्वर बाबा को यह जानकारी न हो कि भगवान राम भी भगवान कृष्ण के भक्त हैं। मित्रा ने राम और कृष्ण का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों मिलकर रामकृष्ण बनते हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उन्हें बागेश्वर बाबा से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है और न ही वह उनके खिलाफ बोलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के खिलाफ कुछ शब्द बोलना भी समय बर्बाद करने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बागेश्वर बाबा कौन हैं और उन्हें इतनी लोकप्रियता तथा महत्व क्यों दिया जा रहा है?
मदन मित्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि वह बड़ी भक्त हैं और हर मंदिर में पूजा करती हैं। बागेश्वर बाबा लगातार बेतुकी बातें करते हैं और राजनीतिक प्रचार हासिल करने की कोशिश करते हैं। बंगाल में उनका यह राजनीतिक तमाशा नहीं चलेगा और यहां केवल सच्चाई की जीत होगी।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मदन मित्रा ने कहा कि पार्टी की हालत बेहद खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सुवेंदु अधिकारी के अलावा कोई काम करता हुआ दिखाई नहीं देता। भाजपा की नीतियों में विरोधाभास का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी कभी कहती है कि उसका कोई ट्रेड यूनियन नहीं है और अगले ही दिन ट्रेड यूनियन बनाने की बात करती है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा की देश और बंगाल के लिए अलग-अलग नीतियां हैं? मित्रा ने एयरपोर्ट और मेट्रो में भारतीय मजदूर संघ के गठन का जिक्र करते हुए पार्टी के संगठनात्मक फैसलों पर भी सवाल उठाए।
मित्रा ने दावा किया कि भाजपा बिखर रही है और जनता उससे नाराज हो रही है। उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी अकेले उत्तर बंगाल में घूमने की कोशिश करते हैं, लेकिन पार्टी में भ्रष्ट और असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बंगाल में भाजपा की सरकार ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी और पांच से छह महीने में उसकी स्थिति बदल जाएगी।