किसान नेता राकेश टिकैत का वीडियो हुआ वायरल, कही ये बात....

26 जनवरी को दिन भर दिल्ली की सड़कों से लेकर लाल किले तक किसानों की ट्रैक्टर परेड में मचे बवाल पर अब कार्रवाई शुरु हो गई है

Update: 2021-01-27 12:08 GMT

नई दिल्ली। 26 जनवरी को दिन भर दिल्ली की सड़कों से लेकर लाल किले तक किसानों की ट्रैक्टर परेड में मचे बवाल पर अब कार्रवाई शुरु हो गई है। दिल्ली पुलिस जहां एक ओर उपद्रवियों की खोज में लगी है तो वहीं दूसरी ओर किसान नेता राकेश टिकैत का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसपर हड़कंप मचा हुआ है। जी हां गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के एक दिन बाद भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कुछ ऐसी बातें निकलकर सामने आई हैं जिससे राकेश टिकैत को सवालों के कटघरे में ड़ा किया जा रहा है।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में किसान नेता राकेश टिकैत लोगों से लाठी-डंडा साथ लेकर आने की अपील करते नजर आ रहे हैं।

जी हां इस वीडियो में राकेश टिकैत किसानों से लाठी-डंडा साथ रखने की बात कर रहे हैं। इसके साथ ही टिकैत ये कहते हुए भी दिखाई दे रहे हैं कि किसानों से उनकी जमीन छीन ली जाएगी। टिकैत कह रहे हैं कि सरकार उनकी बात नहीं मान रही है। अब सब साथ में आ जाओ नहीं तो हमारी जमीनें चली जाएंगी। राकेश टिकैत के इस वीडियो को देखकर तरह तरह के सवाल उठने लगे जिसपर अब खुद राकेश टिकैत ने सफाई दी है। टिकैत ने आज मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि उन्होंने किसी को नहीं बहकाया। राकेश टिकैत ने कहा कि यह वीडियो उनका ही है। उन्होंने कहा कि लाठी कोई हथियार थोड़े ही है।  राकेश टिकैत ने कहा,  मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने कहा था कि लाठी लेकर आना, जरा बताइए कि बिना लाठी डंडे के झंडे कहां और कैसे लगाए जा सकते थे।

राकेश टिकैत ने परेड के दौरान हुई हिंसा को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा जिसने भी लाल किले पर देश का तिरंगा हटाकर अपना झंडा फहराया वो कौन आदमी था? इसकी जानकारी सरकार को होनी चाहिए और वो बताए कि वो इंसान कौन था। एक कौम को बदनाम करने की साजिश पिछले दो महीने से चल रही है। कुछ लोग को चिन्हित किया गया है उन्हें आज ही यहां से जाना होगा। जो आदमी हिंसा में पाया जाएगा,  उसे स्थान छोड़ना पड़ेगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

आपको बता दें कि इससे पहले राकेश टिकैत ने कहा कि कल यानि की मंगलवार को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के पीछे कुछ असामाजिक तत्व थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के कारण कुछ असामाजिक तत्व ट्रैक्टर रैली में शामिल हो गए, जिनके कारण हिंसा की घटनाएं हुईं। इसकी जांच की जाए और जो भी इसमें दोषी हो उन्हें सजा दी जाए।

आपको बता दें कि कल हुई हिंसा में दोषी मानते हुए दिल्ली पुलिस ने अब तक 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अभी जांच जारी है।

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