पश्चिम एशिया संकट में फंसे उत्तराखंडी प्रवासियों की वापसी की तैयारी
केंद्र सरकार प्रवासी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास कर रही है, जो पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में फंसे हुये हैं और सरकार उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए तत्पर है
ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच केंद्र सरकार सक्रिय
- जिलाधिकारियों को प्रवासी नागरिकों का विवरण जुटाने के निर्देश
- सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने को राज्य सरकार की कवायद
- खाड़ी देशों में फंसे नागरिकों की सूची तैयार करने का अभियान
देहरादून। केंद्र सरकार प्रवासी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास कर रही है, जो पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में फंसे हुये हैं और सरकार उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए तत्पर है।
उत्तराखण्ड शासन के सचिव राजेन्द्र कुमार ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है और उसमें स्पष्ट किया है कि वर्तमान में ईरान एवं इजराइल के मध्य संघर्ष के दृष्टिगत पश्चिम एशिया के देशों में उत्पन्न वर्तमान परिस्थितियों, विशेषकर ईरान एवं इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी प्रवासी नागरिकों का विवरण एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की है, जो वर्तमान में पश्चिम एशिया के देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ईरान, इजरायल, ओमान, लेबनान, इराक, कुवैत तथा कतर में फंसे हुये हैं और भारत वापस आना चाहते हैं।
सचिव कुमार ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों से अपेक्षा की है गई कि ऐसे प्रवासी नागरिकों की जानकारी जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि भारत सरकार को समय पर सूचना प्रेषित कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
इसके लिए जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए नागरिकों से जानकारी प्राप्त की जाए साथ ही इच्छुक प्रवासियों का विवरण भी निर्धारित प्रारूप में प्रेषित किये जाने की अपेक्षा सभी जिलाधिकारियों से की गई है।