राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासी घमासान, सपा प्रमुख के आरोपों पर ट्रस्ट ने दी सफाई
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान कोष से रुपए गायब होने का आरोप लगाए जाने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है;
अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान कोष से रुपए गायब होने का आरोप लगाए जाने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर पुलिस प्रशासन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से संपर्क साधा है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
इस बीच ट्रस्ट महासचिव चम्पत राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वर्तमान में नियमित आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया चल रही है और अब तक कोई अनियमितता सामने नहीं आई है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से लगातार संपर्क में हैं। सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट को वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। हालांकि अभी तक ट्रस्ट की ओर से किसी भी प्रकार की शिकायत या अनियमितता की सूचना पुलिस को नहीं दी गई है। ऐसे में पुलिस फिलहाल मामले की निगरानी कर रही है।
इस बीच बढ़ते विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है और समय-समय पर उसका आंतरिक ऑडिट कराया जाता है।
चम्पत राय ने बयान जारी कर कहा, 'सभी की जानकारी के लिए, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता है। इस कार्य में ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि सम्मिलित रहते हैं। ऑडिट का कार्य कई दिनों तक चलता है और वही प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। अभी तक कोई उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक बड़ा आरोप लगाते हुए लिखा कि समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है। ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है। न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।