मेरठ में पीएम मोदी बोले, काग्रेस ने एआई समिट को गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बनाया

प्रधानमंत्री ने नमो भारत और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाने के बाद शताब्दी नगर से मेरठ दक्षिण स्टेशन तक यात्रा भी की। उनके साथ 17 विशेष यात्री रहे, जिनमें पांच स्कूली बच्चे, चार एमबीबीएस छात्र, पांच सफाईकर्मी और दिल्ली के तीन युवा उद्यमी शामिल थे। मेरठ दक्षिण स्टेशन से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जनसभा स्थल मोहिउद्दीनपुर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Update: 2026-02-22 10:52 GMT
मेरठ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) सेवा के पूर्ण दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो (मेरठ साउथ–मोदीपुरम) खंड का उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर करीब 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री ने नमो भारत और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाने के बाद शताब्दी नगर से मेरठ दक्षिण स्टेशन तक यात्रा भी की। उनके साथ 17 विशेष यात्री रहे, जिनमें पांच स्कूली बच्चे, चार एमबीबीएस छात्र, पांच सफाईकर्मी और दिल्ली के तीन युवा उद्यमी शामिल थे। मेरठ दक्षिण स्टेशन से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जनसभा स्थल मोहिउद्दीनपुर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

“विकसित भारत के लिए नई क्रांति को ऊर्जा”

मेरठ में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बाबा औघड़नाथ की पावन धरती से विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लिए नई ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने कहा, “आज पहली बार एक ही मंच से नमो भारत रैपिड रेल और मेट्रो सेवा का शुभारंभ हो रहा है। विकसित भारत की कनेक्टिविटी कैसी होगी, यह उसकी एक शानदार झांकी है। शहर के भीतर के लिए मेट्रो और ट्विन सिटी विजन को गति देने के लिए नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है।” प्रधानमंत्री ने संतोष जताया कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना उत्तर प्रदेश में साकार हुई है।

शहर और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का एकीकृत मॉडल

दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का एक साथ संचालन देश में सार्वजनिक परिवहन के एक नए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। सराय कालेखां, आनंद विहार, गाजियाबाद और मेरठ जैसे स्टेशनों पर भारतीय रेल, मेट्रो और बस अड्डों को आपस में जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश में पहली बार है जब एक ही स्टेशन और एक ही ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो रेल चलेगी। उन्होंने कहा, एक ही प्लेटफॉर्म से यात्री शहर के भीतर भी यात्रा कर सकेंगे और उसी स्टेशन से सीधे दिल्ली भी आ-जा सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे दिल्ली–एनसीआर क्षेत्र में आवागमन का समय घटेगा और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

“अब परियोजनाएं लटकती-भटकती नहीं”

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की कार्यसंस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि अब परियोजनाएं पहले की तरह वर्षों तक लटकती नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हमारी कार्य संस्कृति है कि जिस काम का शिलान्यास किया जाए, उसे पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया जाए। इसलिए अब परियोजनाएं पहले की तरह लटकती, भटकती नहीं हैं।” उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार का भी जिक्र किया और कहा कि पहले इस रूट पर शाम होते ही सन्नाटा छा जाता था, लेकिन अब सुरक्षा और सुविधाजनक यात्रा का माध्यम उपलब्ध है।

नारी शक्ति की भागीदारी

प्रधानमंत्री ने नमो भारत परियोजना को नारी शक्ति का प्रतीक भी बताया। उन्होंने कहा कि ट्रेन ऑपरेटर और स्टेशन कंट्रोल स्टाफ जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं। उन्होंने कहा, “हमारी बेटियां ही नेतृत्व कर रही हैं। यह परियोजना नारी सशक्तिकरण का भी उदाहरण है”।

मेट्रो नेटवर्क में भारत तीसरे स्थान पर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मेट्रो नेटवर्क के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। बीते 11 वर्षों में देश के कई शहरों तक मेट्रो सेवाएं पहुंची हैं। उत्तर प्रदेश में भी मेरठ के अलावा अन्य शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करना है।

विपक्ष पर तीखा हमला

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं घोटालों में फंस जाती थीं, लेकिन अब पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम हो रहा है। उन्होंने हाल ही में आयोजित एआई ग्लोबल समिट का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर कार्यक्रम को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश का कार्यक्रम था, किसी राजनीतिक दल का नहीं।

उन्होंने कहा कि कुछ दल भारत की वैश्विक सफलता को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। देश की सबसे पुरानी पार्टी कितनी दिवालिया हो गई है, यह उनके आचरण से स्पष्ट होता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस देश के लिए बोझ बन गई है और विकास की राजनीति के बजाय विवाद की राजनीति कर रही है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल

दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इससे मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से आवागमन का समय कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं, डिजिटल टिकटिंग और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

महत्वपूर्ण उपलब्धि


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नमो भारत RRTS और मेरठ मेट्रो के पूर्ण संचालन का शुभारंभ उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। करीब 12,930 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे विकसित भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। जहां एक ओर इस परियोजना को आधुनिक बुनियादी ढांचे की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, वहीं राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा का विषय बनी रही। फिलहाल, दिल्ली–मेरठ के यात्रियों के लिए तेज और एकीकृत सार्वजनिक परिवहन की सुविधा का नया अध्याय शुरू हो गया है।
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