चीनी नागरिक के गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, हवाला के जरिए चीन भेजे 11 करोड़ से ज्यादा

चीन में बैठे गिरोह के सदस्यों तक हवाला के जरिए भारतीय करेंसी पहुंचाने वाले एक आरोपी को यूपी एसटीएफ ने दिल्ली के करोल बाग से गिरफ्तार किया है;

Update: 2026-09-29 17:20 GMT

नोएडा। चीन में बैठे गिरोह के सदस्यों तक हवाला के जरिए भारतीय करेंसी पहुंचाने वाले एक आरोपी को यूपी एसटीएफ ने दिल्ली के करोल बाग से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के बालोतरा निवासी गणपत लाल राजपुरोहित (30) के रूप में हुई है। एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच 11 करोड़ रुपये से अधिक की रकम अवैध तरीके से चीन भेज चुका है। मामले में अभी जांच जारी है।

एसटीएफ ने गणपत को 28 सितंबर को करीब 3:55 बजे करोल बाग से पकड़ा। उसके पास से 8.20 लाख रुपये नकद, 100 अमेरिकी डॉलर, 36 चीनी युआन, पासपोर्ट, दो पैन कार्ड, आधार कार्ड, पांच क्रेडिट कार्ड, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, कैश मेमो बुकलेट और वीजा से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

चीनी नागरिक के लिए फर्जी कंपनियां बनवाने का आरोप

एसटीएफ के मुताबिक, यह मामला गौतमबुद्धनगर के फेस-2 थाने में दर्ज केस से जुड़ा है। 22 जुलाई को एसटीएफ ने पूर्वांचल सिल्वर सिटी सोसाइटी से चीनी नागरिक Liao Longhui और उसके दो भारतीय सहयोगियों संजीव कुमार और कौशलेन्द्र को गिरफ्तार किया था। जांच में Liao के पास ‘Samuel Lotha’ नाम से कोहिमा, नागालैंड का आधार कार्ड भी मिला था।

जांच में एसटीएफ को YTL और Z-One नाम की कंपनियों के जरिए कारोबार किए जाने की जानकारी मिली। आरोप है कि इन कंपनियों में अंडर इनवॉइसिंग कर बाजार से नकद रकम जुटाई जाती थी। इसके बाद इस रकम को हवाला के जरिए चीन भेजा जाता था।

करोल बाग के ऑफिस से मिलती थी नकदी

पूछताछ में गणपत ने एसटीएफ को बताया कि करोल बाग में Z-One कंपनी के ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों से उसे नकद रकम मिलती थी। इसके बाद वह अन्य हवाला कारोबारियों की मदद से रकम चीन भेजता था। एसटीएफ के मुताबिक, चीन में Liao की पत्नी मिशेल और उसकी बहन सारा भी इस नेटवर्क से जुड़ी थीं।

एसटीएफ का कहना है कि दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 तक 11 करोड़ रुपये से अधिक चीन भेजे जाने की प्रथमदृष्टया जानकारी मिली है। रकम किस-किस माध्यम से और किन लोगों तक पहुंची, इसकी जांच की जा रही है।

2017 में करोल बाग आया, हवाला कारोबार से जुड़ा

पूछताछ में गणपत ने बताया कि वह 10वीं पास है। 2012 में मुंबई में ज्वैलरी की दुकान पर काम करता था। 2017 में दिल्ली आने के बाद करोल बाग में मोबाइल एसेसरीज का कारोबार शुरू किया। इसी दौरान उसकी मुलाकात चीनी नागरिक महिलाओं मिशेल और सारा से हुई। एसटीएफ के अनुसार, इसके बाद वह हवाला कारोबार से जुड़ गया।

एसटीएफ के मुताबिक गणपत वर्ष 2025 और 2026 में चीन भी गया था और वहां मिशेल से मिला था। वह ‘Tesla’ नाम से मोबाइल एसेसरीज का कारोबार भी करता था।

आरोपी को फेस-2 थाने में दर्ज केस में शामिल कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Tags:    

Similar News