मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा

उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड (नीला ड्रम केस) में बुधवार जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों दोषियों—मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला—को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई;

By :  Deshbandhu
Update: 2026-10-14 18:16 GMT

मेरठ। उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड (नीला ड्रम केस) में बुधवार जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों दोषियों—मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला—को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई।

सजा सुनाने से पहले दोनों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। मुस्कान और साहिल फूट-फूटकर रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि वह अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी पाई गई है, क्या सजा चाहती है? मुस्कान ने जवाब दिया— “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। साहिल से यही सवाल पूछे जाने पर वह चुप रहा।

जज ने फैसला सुनाते हुए अपराध को नृशंस करार दिया और कहा कि ऐसे मामलों में माफी स्वीकार नहीं होगी। सजा के ऐलान के बाद सौरभ की मां रेनू देवी रो पड़ीं और कहा— “शांति से न्याय मिल गया।” परिवार ने शुरू से फांसी की मांग की थी।

ये है पूरा मामला

सौरभ राजपूत (मर्चेंट नेवी अधिकारी, लंदन से लौटे हुए) की हत्या 3 मार्च 2025 की रात मेरठ के ब्रह्मपुरी/इंद्रानगर इलाके में उनके घर में हुई थी। अभियोजन के अनुसार, मुस्कान ने सब्जी में नशीला पदार्थ मिलाकर सौरभ को बेहोश किया। फिर साहिल के साथ मिलकर चाकू से दिल और गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। शव को बाथरूम में ले जाकर सिर, दोनों हाथों की हथेलियां सहित कई टुकड़ों में काट दिया गया और नीले प्लास्टिक ड्रम में भरकर सीमेंट-रेत के घोल से सील कर दिया गया।

हत्या के बाद मुस्कान और साहिल शिमला-मनाली घूमने चले गए और इंस्टाग्राम पर फोटो-वीडियो डालकर सामान्य जीवन का दिखावा करते रहे। 17-18 मार्च 2025 को शव बरामद होने के बाद दोनों गिरफ्तार हुए।

ट्रायल की समयरेखा

30 सितंबर 2026 अदालत ने दोनों को हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी करार दिया (126 तारीखें, 22+ गवाह)। सजा का फैसला सुरक्षित रखा।

बहस के बाद फांसी की घोषणा

अभियोजन ने क्रूरता का हवाला देते हुए मृत्युदंड मांगा, जबकि बचाव पक्ष ने मुस्कान की दो बेटियों (एक जेल में पैदा हुई) के भविष्य का हवाला देकर नरमी की अपील की।

यह मामला पूरे देश में सनसनीखेज रहा क्योंकि शव को नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपाने का तरीका बेहद क्रूर था। सजा के बाद दोनों दोषी भावुक नजर आए। परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष जताया। बता दें कि फांसी की सजा पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील का प्रावधान है।

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