अवैध सेंट्रल मार्केट प्रकरण- भाजपा के विरोध में व्यापारियों ने लगाए सपा के झंडे
परिषद की ध्वस्तीकरण की तैयारियां तेज
- व्यापारियों में दहशत का माहौल
मेरठ। आवास एवं विकास परिषद की योजन संख्या-7 में बनी अवैध सेंट्रल मार्केट समेत सभी योजनाओं के अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी है। ऐसे में बाजार में व्यापारियों ने भाजपा का विरोध करते हुए सपा के झंडे लगा दिए। थोड़ी देर बाद स्थानीय भाजपा नेताओं ने झंडे हटवा दिए।
व्यापारियों का आरोप है कि हमारे बाजार पर संकट मंडरा है। एक कांप्लेक्स पहले ही टूट चुका है। अब दूसरी दुकानें टूटने की बारी आ चुकी है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों का हमें सहयोग नहीं मिल रहा है, इसलिए सपा के झंडे लगाए थे। सेंट्रल मार्केट में झंडे लगाने को लेकर थाना नौचंदी पुलिस ने करण नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया। इसके बाद विरोध में थाने पहुंचे व्यापारियों में से भी दो व्यापरियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और लगभग 3 घंटे चले हंगामें के बाद उनको छोड़ा गया। पीड़ित व्यापारी से शिवपाल यादव ने बात की। शिवपाल ने कहा- यदि हमारी आवश्यकता पड़ी तो हम व्यापारियों के आंदोलन में मेरठ भी आएंगे। शिवपाल ने बताया कि 2016 में उनके द्वारा कानून बनाया गया था, जबकि आज की तारीख में वह विभाग मुख्यमंत्री के पास है लेकिन सभी अधिकारी लूट खसौट में लगे हुए हैं, कोई भी कानून का पालन नहीं कर रहा है।
स्वयं हटा लें रिहायशी/व्यवसायिक अवैध निर्माण
अधिशासी अभियंता अभिषेक राज ने बताया कि माननीय सुप्रीम आदेश के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। इसी के मद्देनजर परिषद की योजनाओं में समस्त अवैध रिहायशी/व्यवसायिक निर्माणों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। सभी को नोटिस भेजकर सूचना दे दी गई है कि परिषद की कार्यवाही से पूर्व अपने-अपने अवैध निर्माणों को स्वयं हटा लें अन्यथा परिषद की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि विगत 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी अवैध निर्माणों को तोड़ने का आदेश दिया जा चुका है। अब परिषद को मााननीय उच्च न्यायलय में 17 मार्च तक सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट दाखिल करनी है।