अवैध सेंट्रल मार्किट प्रकरण- ध्वस्तीकरण में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 6 अप्रैल को फिर होगी सुनवाई
उत्तर प्रदेश में जिला मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट मामले में गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई
अब मेरठ मंडल के पूर्ववर्ती कमिश्नर भी तलब
- अवमानना याचिका में चल रही है सुनवाई
- पुराने नियमों का फायदा उठाकर अवैध निर्माण बचाने के हैं आरोप
मेरठ। उत्तर प्रदेश में जिला मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट मामले में गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की बेंच ने सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने परिषद के अध्यक्ष पी. गुरु प्रसाद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था।
सुनवाई के दौरान 860 अवैध निर्माणों का बार-बार जिक्र आया। अनुपाल रिपोर्ट में ध्वस्तीकरण केवल 661@6 का ही जिक्र मिला और अन्य को भू-उपयोग परिवर्तित दिखाया। जिसे बेंच ने नकारते हुए शेष निर्माणों के ध्वस्तीकरण पर सख्ती दिखाई।
सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेशों के बावजूद ध्वस्तीकरण या नियमितीकरण की प्रक्रिया में देरी हुई। अब उन्हें 6 अप्रैल को ठीक 10ः30 बजे मेरठ मंडल के पूर्ववर्ती मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद सहित कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश पारित किया गया।
लोकेश खुराना द्वारा दायर की गई अवमानना याचिका में आवास विकास परिषद पर पुराने नियमों का फायदा उठाकर निर्माण बचाने की कोशिश के आरोप है। व्यापारी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर टिकाए हुए हैं।
अगर कोर्ट ने सख्ती बरती तो अवैध हिस्सों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज हो सकती है। वहीं अन्य अवैध निर्माणों को तोड़ने पर रोक लगाने के मामले में डा. संदीप पहल द्वारा भी याचिका दायर की गई थी, ये मामला भी 6 अपे्रल की लिस्ट में है। हो सकता है इसे भी सुनवाई में शामिल कर लिया जाए।