चलती बस में गैंगरेप: आयोग ने मांगी रिपोर्ट, पुलिस खंगाल रही बस के सफर का पूरा रिकॉर्ड

चलती बस में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नोटिस के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है;

Update: 2026-09-02 17:18 GMT

ग्रेटर नोएडा। चलती बस में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नोटिस के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। आयोग ने पुलिस आयुक्त से दो सप्ताह के अंदर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद पुलिस बस के सफर के दौरान जिन-जिन रास्तों से वह गुजरी थी, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाने में लगी है। पुलिस की रिपोर्ट में घटना से जुड़ी परिस्थितियों और अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्योरा शामिल किया जाएगा।

पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस बस में छात्रा के साथ घटना हुई थी, वह सूरजपुर स्थित एक निजी कार्यशाला में मरम्मत के लिए आई थी। मरम्मत के बाद चालक और परिचालक बस को लेकर नोएडा की ओर जा रहे थे। यह बस छलेरा स्थित विश्वनाथ ट्रैवल्स से संचालित की जा रही थी। इसी वजह से बस के आने-जाने वाले रास्तों और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस बस के पूरे मार्ग की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा बस के संचालन, चालक और परिचालक की गतिविधियों तथा कार्यशाला में बस के पहुंचने और वहां से निकलने के समय से जुड़ी जानकारी भी जांच में शामिल की जा रही है। पुलिस आयोग को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट कर सकती है कि घटना के संबंध में स्थानीय पुलिस को पीड़िता या दिल्ली पुलिस की ओर से कब और कितनी जानकारी मिली।

इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें पीड़िता और दिल्ली पुलिस की ओर से घटना के संबंध में कोई प्रत्यक्ष जानकारी नहीं दी गई थी। अब आयोग के नोटिस के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और अपनी कार्रवाई का रिकॉर्ड तैयार कर रही है।

बसों में पर्दे हटवाकर जांच

घटना के बाद पुलिस ने सार्वजनिक और निजी बसों की निगरानी भी बढ़ा दी है। दूसरे दिन भी नोएडा, मध्य नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में वाहन जांच अभियान चलाया गया। पुलिस ने बसों की जांच के दौरान अंदर लगे पर्दे हटवाए। कार और कैब चालकों के दस्तावेज और वाहनों की भी जांच की गई। अधिकारियों के निर्देश पर कई कारों के शीशों पर लगी काली फिल्म भी उतरवाई गई। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों की जांच आगे भी जारी रहेगी।

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