डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर निशाना, बोले- अफवाहों से नहीं चलेगा झूठ का नैरेटिव
अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर छिड़े राजनीतिक विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है;
लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर छिड़े राजनीतिक विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख राम मंदिर को लेकर अफवाहें फैलाकर झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता उनकी राजनीति को भलीभांति समझ चुकी है।
पाठक ने कहा कि सनातन संस्कृति और भगवान श्रीराम से जुड़े हर ऐतिहासिक अवसर पर अखिलेश यादव की चुप्पी उनकी मानसिकता को उजागर करती है।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन पर तीखा निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह अफवाहें फैलाकर झूठ गढ़ने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा प्रमुख ने कभी भी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर मुद्दे पर अखिलेश यादव का रवैया हमेशा नकारात्मक रहा है और उनकी सोच 'बाबरवादी' मानसिकता से प्रेरित दिखाई देती है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब श्रीराम मंदिर निर्माण से पहले भूमि पूजन हुआ, तब भी अखिलेश यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अयोध्याधाम में भव्य मंदिर निर्माण का स्वरूप सामने आया, तब भी वह मौन रहे। यहां तक कि प्रभु श्रीराम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा जैसे ऐतिहासिक अवसर पर भी उन्होंने स्वागत का एक शब्द तक नहीं कहा। अब वह मंदिर को लेकर भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जो सफल नहीं होगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत विश्व में सनातन संस्कृति का वाहक राष्ट्र है और रामायण की परंपरा देश की सांस्कृतिक चेतना का आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख माता शबरी, भगवान जटायु और महर्षि वाल्मीकि जैसे रामायण के महत्वपूर्ण पात्रों और आदर्शों की चर्चा से भी बचते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को सनातन संस्कृति के विरुद्ध बयानबाजी से बचना चाहिए। इस प्रकार की राजनीति का खामियाजा समाजवादी पार्टी को आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा। प्रदेश की जनता सपा की कार्यशैली और उसके राजनीतिक चरित्र को भलीभांति समझ चुकी है।
उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि अखिलेश यादव का 'झूठ का नैरेटिव' कभी सफल नहीं होगा और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी समाजवादी पार्टी को जनता के बीच निराशा का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर और सनातन संस्कृति जैसे विषयों पर प्रदेश की जनता भावनात्मक और वैचारिक रूप से सजग है तथा किसी भी तरह के भ्रम फैलाने के प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी।