रामपुर जेल में आजम खां से मिले अखिलेश यादव, बोले- किसी भी राजनीतिक परिवार ने इतना अन्याय नहीं झेला

जेल में मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने आजम खां के प्रति अपना समर्थन जाहिर करते हुए कहा, "आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे।" उन्होंने कहा कि आजम खां और उनके परिवार को लंबे समय से कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से उन्हें निशाना बनाया गया और उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए।;

Update: 2026-10-22 11:00 GMT

रामपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला और आजम खां तथा उनके परिवार के साथ अन्याय किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आजम खां के परिवार ने जितना अन्याय झेला है, उतना किसी अन्य परिवार, खासकर राजनीतिक परिवार ने नहीं झेला होगा। अखिलेश ने आजम खां के खिलाफ दर्ज मामलों को झूठा बताते हुए कहा कि इनकी वजह से उन्हें कई साल जेल में बिताने पड़े हैं। हालांकि, मामलों और आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

'आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे'

जेल में मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने आजम खां के प्रति अपना समर्थन जाहिर करते हुए कहा, "आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे।" उन्होंने कहा कि आजम खां और उनके परिवार को लंबे समय से कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से उन्हें निशाना बनाया गया और उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए। अखिलेश ने आजम खां के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए मुलाकात को केवल राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का हिस्सा बताया। उनके मुताबिक, बातचीत के दौरान आजम खां के स्वास्थ्य और उनकी मौजूदा स्थिति के बारे में भी चर्चा हुई।

'सत्य को हमेशा के लिए कैद नहीं किया जा सकता'

अखिलेश यादव ने कहा कि झूठे आरोपों के आधार पर किसी को लंबे समय तक परेशान किया जा सकता है, लेकिन सत्य को हमेशा के लिए कैद नहीं रखा जा सकता। उन्होंने माना कि न्याय मिलने में समय लग सकता है, मगर अंततः सच्चाई सामने आती है। सपा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि रामपुर से उनका पुराना राजनीतिक और भावनात्मक रिश्ता है। उन्होंने कहा कि यह उनकी पहली रामपुर यात्रा नहीं है। आजम खां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में रहे हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनसे मुलाकात को अखिलेश के समर्थन और पार्टी के भीतर संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

भाजपा पर शिक्षा और ज्ञान की अनदेखी का आरोप

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को विश्वविद्यालयों की चिंता नहीं है और शिक्षा संस्थानों को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां अपनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों को कमजोर करने के लिए ऐसी परिस्थितियां पैदा की गईं, जिनका असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है। अखिलेश ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की बुनियाद होती है और विश्वविद्यालयों को राजनीतिक विवादों में उलझाने के बजाय उन्हें मजबूत किया जाना चाहिए। सपा अध्यक्ष की इन टिप्पणियों को रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े विवादों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। आजम खां इस विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े रहे हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें की गईं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब और विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों की कानूनी स्थिति अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखी जानी चाहिए।

आजम खां से मुलाकात के क्या हैं राजनीतिक मायने?

आजम खां समाजवादी पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे हैं। रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनका लंबे समय तक राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव की जेल में उनसे मुलाकात को पार्टी के भीतर एकजुटता के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। इस मुलाकात के जरिए अखिलेश ने आजम खां के प्रति अपना समर्थन दोहराया और भाजपा सरकार पर राजनीतिक विरोधियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। इससे सपा के समर्थकों के बीच भी यह संदेश जा सकता है कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ खड़ी है।

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