तीन दिन में 1003 बसों की चेकिंग, 67 के चालान, इमरजेंसी एग्जिट, सीसीटीवी, फायर सेफ्टी उपकरण और ब्लैक फिल्म की हुई जांच
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित कराने के लिए कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की यातायात पुलिस ने बसों के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया।;
ग्रेटर नोएडा। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित कराने के लिए कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की यातायात पुलिस ने बसों के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त यातायात के पर्यवेक्षण में चलाए गए इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में बसों की जांच की गई। नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित बस चालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।
यातायात पुलिस के मुताबिक, 27 सितंबर से 29 सितंबर तक चले विशेष अभियान के दौरान कुल 1003 बसों की सघन चेकिंग की गई। जांच के दौरान यातायात नियमों और निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 67 बसों के चालान किए गए।
यातायात पुलिस ने इस अभियान के तहत केवल कागजात और सामान्य यातायात नियमों की जांच तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण इंतजामों को भी परखा। अभियान के दौरान बस चालकों का ड्रंक एंड ड्राइव परीक्षण किया गया। इसके साथ ही बसों में मौजूद आपातकालीन द्वार (इमरजेंसी एग्जिट), सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता, पर्दे अथवा ब्लैक फिल्म तथा फायर सेफ्टी उपकरणों की गहन जांच की गई।
पुलिस ने यह भी देखा कि किसी बस में यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से कोई ऐसी कमी तो नहीं है, जिससे आपातकालीन स्थिति में परेशानी उत्पन्न हो सकती है। जांच के दौरान जिन बसों में सुरक्षा संबंधी कमियां अथवा यातायात नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस ने बस चालकों और परिचालकों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया। उन्हें सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने, यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों का प्रभावी इस्तेमाल करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस ने बस संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए भी सचेत किया। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में सुरक्षा व्यवस्था का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन वाहनों में एक साथ बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। किसी भी आपात स्थिति में इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा संसाधन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
यातायात पुलिस के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन कराने के लिए भविष्य में भी इस तरह के विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे।