मैरी की निखत पर जीत के बाद हुआ हंगामा

ओलंपिक क्वालिफायर के लिये महिलाओं के पांच वजन वर्गों के ट्रायल हुये जिसमें सभी निगाहें 51 किग्रा वर्ग में मणिपुर की मैरीकॉम और तेलंगाना की निखत के बीच टक्कर पर लगी हुयी थी।

Update: 2019-12-28 16:25 GMT

नयी दिल्ली।  छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम ने बहुप्रतीक्षित ट्रॉयल में निखत जरीन को शनिवार को यहां इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 9-1 के बड़े अंतर से हरा दिया और फरवरी में चीन में होने वाले मुक्केबाजी के पहले ओलम्पिक क्वालिफायर का टिकट हासिल कर लिया।

ओलंपिक क्वालिफायर के लिये महिलाओं के पांच वजन वर्गों के ट्रायल हुये जिसमें सभी निगाहें 51 किग्रा वर्ग में मणिपुर की मैरीकॉम और तेलंगाना की निखत के बीच टक्कर पर लगी हुयी थी। इस ट्रॉयल को कवर करने के लिये भारी संख्या में मीडिया मौजूद था। इनके साथ ही निखत के राज्य तेलंगाना के कई अधिकारी और उनके पिता जमील अहमद मौजूद थे। मुकाबला हंगामाखेज़ रहा। मुकाबले के 10 जजों ने 9-1 से मैरी के पक्ष में फैसला दिया।

मुकाबला समाप्त होने के बाद मैरी ने निखत से हाथ नहीं मिलाया और गुस्से में रिंग से बाहर निकल गयीं। दूसरी ओर अपनी हार से निखत रो पड़ीं और उनके पिता जमील अहमद रिंग से बाहर निकलती मैरी पर बरस पड़े। माहौल अचानक गरम हो गया और हंगामा खड़ा हो गया। भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने सामने आकर बीच बचाव किया और मामले को शांत करने की कोशिश की।

तेलंगाना मुक्केबाजी संघ के सह सचिव ए पी रेड्डी ने तो यहां तक कह दिया कि वह इस मुकाबले की रिकार्डिंग आईबा को देखने के लिये कहेंगे जबकि मुकाबले के बाद अजय सिंह ने कहा,“ट्रॉयल पूरी तरह निष्पक्ष थे और इसके लिये 10 जजों को तैनात किया गया था।”

मैरीकॉम ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि निखत उनका सम्मान नहीं करना जानती हैं, इसलिये वह उनसे हाथ मिलाना पसंद नहीं करेंगी। मैरी ने साथ ही कहा कि उन्हें खुद को आखिर कितनी बार साबित करना पड़ेगा।

ट्रायल के अन्य वजन वर्गों में विश्व चैंपियनशिप की दो बार की रजत विजेता रेलवे की सोनिया लाठर को 57 किग्रा वर्ग में हरियाणा की साक्षी चौधरी ने 9-1 से पराजित किया। साक्षी के पंचों के सामने सोनिया टिक नहीं सकीं। 60 किग्रा में पूर्व विश्व चैंपियन अखिल भारतीय पुलिस की एल सरिता देवी को राष्ट्रीय चैंपियन पंजाब की सिमरनजीत कौर से 2-8 से हार का सामना करना पड़ा।

69 किग्रा वर्ग में असम की लवलीना बोर्गोहेन ने राजस्थान की ललिता को 10-0 से और 75 किग्रा में हरियाणा की पूजा ने अपने ही राज्य की नुपूर को 10-0 से हराया।

पांच वजन वर्गों के ट्रायल में तीसरा मुकाबला मैरी और निखत का था। दोनों मुक्केबाज इससे पहले तक अपने अभ्यास में जुटी हुई थीं। दोनों के रिंग में उतरते ही कैमरों के फ़्लैश चमकने लगे और इंडोर हाल में शोर होने लगा। आखिर लम्बे समय बाद जाकर दोनों मुक्केबाजों के बीच मुकाबला हो रहा था।

ट्रायल के पहले राउंड में कल मैरीकॉम ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता रितु ग्रेवाल को एकतरफा अंदाज में 10-0 से पीटा था जबकि निखत ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप की स्वर्ण विजेता ज्योति गुलिया को 10-0 से हराया था। मैरी ने इस साल विश्व चैंपियनशिप से पहले यह कहते ट्रायल देने से मना कर दिया था कि चुने जाने के लिए उनका प्रदर्शन ही काफी है।

मैरी ने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। निखत विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पायी थीं क्योंकि उनके वजन वर्ग में मैरी उतरी थीं। मैरी ने हाल में दिल्ली में बिग बाउट बॉक्सिंग लीग के दौरान पीठ दर्द का हवाला देते हुए खुद को हटा लिया था जिससे उनका निखत के साथ मैच ही नहीं हो पाया था।

इस मुकाबले को कवर करने के लिए भारी संख्या में मीडिया मौजूद था। यह पहली बार हुआ जब मुक्केबाजी के ऐसे ट्रायल को कवर करने के लिए मीडिया मौजूद था। फेडरेशन के अध्यक्ष अजय सिंह के साथ सरकारी पर्यवेक्षक भी उपस्थित थे। तेलंगाना मुक्केबाजी संघ के एपी रेड्डी और और निखत के पिता जमील अहमद नजदीकी नजरों से इस मुकाबले को देख रहे थे।

मुकाबला काफी कड़ा रहा और मैरीकॉम ने अपने विशाल अनुभव का इस्तेमाल करते हुए निखत को फासले पर रखने की कोशिश की। मुकाबले के बीच-बीच में दोनों मुक्केबाज एक-दूसरे को पकड़ कर सुस्ताने भी लगती थीं। मुकाबला अंत तक रोमांचक बना रहा और निखत के समर्थकों को उम्मीद थी कि निखत ने मुकाबला जीत लिया है लेकिन जैसे ही मैरी को 9-1 के अंतर से विजेता घोषित किया गया, निखत के पिता जमील के साथ-साथ रेड्डी अपनी जगह खड़े होकर अपना विरोध जताने लगे।

मैरी ने रिंग में निखत के साथ हाथ नहीं मिलाया और गुस्से में रिंग से बाहर निकलीं। मैरी जब अपने स्थान की तरफ जा रही थीं तब निखत के पिता उन पर चिल्लाने लगे। रेड्डी ने भी विरोध जताया जबकि मामले को तूल पकड़ता देख कर फेडरेशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने रेड्डी और निखत के पिता को समझाने की कोशिश।

इस हंगामे के बीच दूसरे मुकाबले चलते रहे लेकिन सबका ध्यान सिर्फ इस विवाद पर लगा हुआ था।निखत ने खुद अपने पिता और रेड्डी को शांत करने की कोशिश की, हालांकि उनकी आंखों से छलके आंसू साफ़ दिखाई दे रहे थे।

ट्रायल की पांच विजेता मुक्केबाज अब फरवरी में चीन में होने वाले पहले ओलम्पिक क्वालीफायर में भारत की तरफ से चुनौती पेश करेंगी और ओलम्पिक का टिकट हासिल करने की कोशिश करेंगी।

 

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