बानीगिरोला में शादी की अनोखी मिशाल

अंचल का छोटा सा गांव है बानीगिरोला जहां लगभग हर  घर में इस वर्ष शादी का माहौल है....;

Update: 2017-04-19 13:07 GMT

सराईपाली। अंचल का छोटा सा गांव है बानीगिरोला जहां लगभग हर  घर में इस वर्ष शादी का माहौल है। इस वर्ष गांव में 65 शादियां तय हुई हैं। ग्रामीणों ने समिति बनाकर तय किया कि गांव में जितनी भी शादियां होंगेी 30 अप्रैल तक होंगी। इस दौरान कोई भी शादी के बाद सामूहिक भोज का आयोजन नही करेंगे उसके एवज में समिति में 2500 रूपया जमा करेंगे। समिति मई जब गांव में देव विवाह का कार्यक्रम आयोजित  करेंगे उसी में सामूहिक भोज का आयोजन होगा जिसमें बकरा भात का भी आयोजन होगा। ग्रामीणों ने जब फरवरी में देखा कि गांव में 65 शादियां है तो उन्होने अप्रैल तक शादी होने पर हर मुहुर्त पर 5-7 शादियां हो रही है जिससे गांव में भोज का आयोजन करना कठिन हो जा रहा था तब समिति ने तय किया कि कोई भोज का आयोजन नही करेगा इससे खर्च भी बचेगा। बाद में एक साथ देव विवाह के समय में सामूहिक  भोज किया जाएगा। चूंकि मई देव विवाह होना है इसलिए 30 अप्रैल तक सारी शादियां निपटा लेने का निर्णय गांव की समिति ने किया। फरवरी में 4 शादियां हुई, मार्च में 21, बाकी शादियां अप्रैल में की गई। इस गांव की आबादी लगभग 4 हजार है जिसमें मरार व आदिवासी समाज के लोग रहते हैं लेकिन शादी के लिए एक जाति का कोई बंधन नही रखा गया था कोई भी जाति का व्यक्ति गांव की इस नियम से बंधा था। ग्रामीणों ने इसे गांव में विवाह के लिए स्थानाभाव व्यवस्था की कमी को देखते हुए आयोजन में खर्च गांव का सामूहिक रूप से बचे यह विचार करते हुए निर्णय लिया है जिसकी अंचल में इस बार चर्चा है। छोटे से गांव में अगर 65 शादियां है तो इस अंचल में कितनी शादियां होगी कल्पना की जा सकती है क्योंकि जिधर देखो शादी का सामान और बारात दिखाई दे रहा है। 
भोज में खर्च होगा लाखों रूपए कैसे होगी उसकी व्यव्स्था
भोज में डेढ़ लाख का बकरा एक लाख का मूर्गा के साथ शाकाहारी भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इस भोज में गांव के साथ जिनके घर शादी हुई उनके रिश्तेदार व बहन बेटी भी शामिल होंगी। बीपीएल मजदूर परिवार के भोज के लिए 600 रूपया और किसान के लिए प्रति एकड़ 300 रूपया की सहयोग राशि ली जाएगी साथ ही प्रत्येक शादी से 2500 रूपया लिया जा रहा है। 

गांव के सरपंच लोकनाथ, उपसरपंच शिव पटेल ने बताया कि आजकल की शादियों में जिस ढंग से खर्च बढ़ रहे हैं 2500 में दोना पत्तल भी नही आता तथा एक दिन में कई शादी में जा पाएगा यह समस्या भी आ रही थी। इसे देखते हुए चर्चा चर्चा मे यह तय हुआ कि अंत में सामूहिक भोज किया जाए। 

2 से 5 मई तक गांव में देव विवाह का आयोजन किया जाएगा और 6 मई को भंडारा(भाज) का आयोजन किया जाना है जिसमें 12 लाख रूपया खर्च होने का अनुमान है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब की शादी में 50 हजार और किसान के यहां के शादी में डेढ़ लाख से ऊपर खर्च सिर्फ भोज आदि में होता है उसे देखते हुए इस निर्णय से गांव का लाखों रूपया बचेगा। 

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