किसान कर्ज माफी में घपलों की परंपरा, दोषियों पर दर्ज होगी एफआईआर : कमलनाथ
मध्य प्रदेश में किसान फसल ऋण माफी योजना का लाभ देने के लिए जारी प्रक्रिया के दौरान सामने आ रही गड़बड़ियों पर तंज सकते हुए कमलनाथ ने कहा कि राज्य में किसान कर्ज माफी में घपलेबाजी परंपरा बन गई थी
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में किसान फसल ऋण माफी योजना का लाभ देने के लिए जारी प्रक्रिया के दौरान सामने आ रही गड़बड़ियों पर तंज सकते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि राज्य में किसान कर्ज माफी में घपलेबाजी परंपरा बन गई थी, जो दोषी हैं उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी। स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक सम्मेलन में हिस्सा लेकर लौटे कमलनाथ ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान सेवा सहकारी समितियों के अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के नाम से फर्जी कर्ज लिया गया। हमारी सरकार इसकी जांच कराएगी और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।"
कमलनाथ ने आगे कहा, "राज्य में किसानों को कर्ज माफी योजना का लाभ देने के लिए प्रक्रिया जारी है। आवेदन भरवाए जा रहे हैं। इस दौरान बहुत गड़बड़ियां सामने आई हैं। जिन लोगों ने कर्ज नहीं लिया उनके नाम पर कर्ज है। यह घपले कोई एक माह में तो हुए नहीं, यह साबित हो गया है। घपलों की यह परंपरा सालों से चल रही थी। इसमें मिली भगत है। इसकी जांच कराई जाएगी।"
ज्ञात हो कि राज्य में 'जय किसान ऋण माफी योजना' की ग्राम पंचायत स्तर पर सूचियां चस्पा की गई हैं, आवेदन भराए जा रहे है। इस दौरान कई तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। हजारों किसान ऐसे है जिन्होंने कर्ज लिया ही नहीं और उनके नाम पर लाखों का कर्ज है। जिनका हजारों का कर्ज है उनका मात्र 13 रुपये कर्ज माफ हुआ। वहीं जो लोग कई वर्ष पहले दुनिया छोड़ चुके हैं, वे भी कर्जदार हैं।