बालिकाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को हो फांसी : शिवराज
होशंगाबाद ! मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बालिकाओं के मान सम्मान से खिलवाड़ करने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा है;
होशंगाबाद ! मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बालिकाओं के मान सम्मान से खिलवाड़ करने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा है कि ऐसे लोगों को फांसी की सजा का प्रावधान किया जाना चाहिए। चौहान ने राज्य में इन दिनों निकाली जा रही नर्मदा सेवा यात्रा के 36वें दिन सोमवार को होशंगाबाद में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इसके लिए जरूरत पडे तो संविधान में संशोधन भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने वालों को समाज में जीने का हक नहीं है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा, अनेक धर्म गुरू और बालिकाएं तथा महिलाएं मौजूद थीं। चौहान ने बालिकाओं के चरण भी स्पर्श किए। मुख्यमंत्री ने समाज में बढ़ रही अनैतिकता के लिए नशे को प्रमुख कारण बताया और कहा कि यह विनाश का भी कारण है। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार मिलकर सघन नशामुक्ति अभियान चलाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि नर्मदा नदी के तट पर शराब की दुकानें बंद कर दी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने यहां नर्मदा नदी के तट पर प्रसिद्ध सेठानी घाट पर सभी धर्मों के गुरूओं से नर्मदा सेवा यात्रा के लिए आशीर्वाद भी लिया। चौहान ने मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी माने जाने वाली नर्मदा नदी के अनेक स्थानों पर सूखने का जिक्र करते हुए कहा कि यह भविष्य के गंभीर संकट का संकेत है। उन्होंने पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नर्मदा नदी के बारे में कहा कि यह अमृत समान जल देती है। लेकिन मनुष्य के लालची स्वभाव के कारण इसका अत्याधिक दोहन हुआ है। इस नदी को जीवन देने वाले तटीय इलाकों में लगे वृक्षों को काट दिया गया है। इन कारणों के चलते नर्मदा नदी के जल की धार चिंताजनक रूप से पतली हो गई है। विशिष्ट अंदाज में भाषण देने वाले चौहान ने कहा कि यह समय ‘नर्मदा मैया’ से क्षमा मांगने और प्रायश्चित करने का है। उन्होंने कहा कि नर्मदा के तट पर स्थित शहरों और नगरों का दूषित मल-जल नदी में बहकर जा रहा है। इसे रोकने के लिए 1500 करोड़ रुपए की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना क्रियान्वित की जाएगी। रिसाइकल किए गए पानी को खेती में सिंचाई के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नर्मदा को प्रदूषण से मुक्त रखना प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है। चौहान ने कहा कि नर्मदा के किनारे रहने वाले किसानों को फलदार वृक्ष लगाने के लिये सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंंत्री ने सभा में मौजूद लोगों को नर्मदा के तटों को साफ रखने, जैविक खाद का उपयोग करने, पूजन सामग्री से होने वाले नर्मदा जल के प्रदूषण को रोकने और पार्थिव शरीर को नर्मदा जल में बहाने की प्रथा को रोकने का संकल्प दिलवाया। चौहान ने नर्मदा के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि नर्मदा तट पर नदी और पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा आंदोलन इन दिनों इस राज्य में चल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.शर्मा ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा के माध्यम से इतिहास अपने को दोहरा रहा है। सदियों पहले भागीरथ जी ने लोक कल्याण के लिए गंगा अवतरण की तपस्या की थी। आज आधुनिक समय में मुख्यमंत्री चौहान जन-कल्याण के लिए नर्मदा मैया के शुद्धिकरण का संकल्प लेकर चल रहे हैं। रसिद्ध फिल्म निर्माता एवं निर्देशक प्रकाश झा ने इस मौके पर कहा कि नर्मदा सदियों से जीवन दे रही है। पवित्र नदी नर्मदा का पत्थर भी सभी जगह पूजा जाता है। यदि नर्मदा है तो जीवन है। उन्होंने लोगों को समझाइश दी कि नर्मदा से स्नेह करें, इसकी रक्षा करें और इसे स्वच्छ रखें। प्रसिद्ध ध्रुपद गायक उमाकांत और रमाकांत गुंदेचा बधुओं और उनके विदेशी शिष्यों ने 'नर्मदाष्टक' का गायन किया। मध्यप्रदेश चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रमेशचन्द्र अग्रवाल ने भी नर्मदा नदी के संरक्षण के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। इसके पहले कार्यक्रम की शुरूआत कन्याओं के चरण पूजन के साथ हुयी। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने बेटियों की चरण वंदन की। नर्मदा मैया की महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर हजारों की संख्या में होशंगाबाद और आस-पास के जिलों से आये श्रद्धालु भी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक से 37 दिन पहले नर्मदा सेवा यात्रा प्रारंभ हुयी है। यह यात्रा लगभग पांच माह तक नर्मदा नदी के तटीय इलाकों से गुजरती हुयी वापस अमरकंटक पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। इस दौरान आम लोगों को नर्मदा नदी के संरक्षण और इसके आसपास फलदार वृक्ष लगाने समेत अनेक उपयोगी बातें बतायी जाएंगी। इससे संबंधित अनेक योजनाएं भी सरकार प्रारंभ कर रही है।