हिमाचल में हिमस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश जो पिछले सप्ताह की बर्फबारी से अभी भी उबर रहा है, इस सप्ताह और अधिक बर्फबारी का सामना करना पड़ सकता

Update: 2019-01-28 13:23 GMT

शिमला ।  हिमाचल प्रदेश जो पिछले सप्ताह की बर्फबारी से अभी भी उबर रहा है, इस सप्ताह और अधिक बर्फबारी का सामना करना पड़ सकता है। मनाली स्थित बर्फ एवं हिमस्खलन प्रतिष्ठान (एसएसई) ने लोगों को बर्फ से लदी ऐसी पहाड़ियों पर न जाने की सलाह दी है, जहां हिमस्खलन की अधिक संभावना है। 

एक सरकारी बयान के अनुसार, शिमला, चंबा, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और किन्नौर जिलों के लिए परामर्श जारी किए गए हैं। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के 29 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है जिससे राज्य में एक फरवरी तक बारिश और बर्फबारी हो सकती है।" 

शिमला और आसपास के पर्यटक गंतव्यों कुफरी और नारकंडा में पिछले 24 घंटों में और अधिक बर्फबारी हुई है जिससे यह इलाके और अधिक मनोरम हो गए हैं। 

राजधानी में हल्की बर्फबारी के साथ तापमान शून्य से एक डिग्री नीचे दर्ज किया गया जबकि कुफरी और मशोबरा में मध्यम बर्फबारी हुई। 

मनाली में तापमान शून्य से 5.3 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। वहीं, धर्मशाला में 1.8 डिग्री, कुफरी में शून्य से 5.8 डिग्री नीचे और डलहौजी में शून्य से 1.3 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। 

कांगड़ा घाटी में धौलाधार पर्वतमाला बर्फ की चादर से ढक गई है। 

लाहौल-स्पीति के कल्पा और केलांग में रात का तापमान क्रमश: शून्य से 7.6 डिग्री और 17 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। 

पालमपुर, सोलन, नहान, बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर और मंडी कस्बों में शीतलहर के कारण कड़ाके की ठंड है।

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