भालू से भाई की जान बचाने वाले प्रभु को मिलेगा वीरता पुरस्कार
कोरबा ! जिले के दूरस्थ वनांचल ग्राम गुरमा के जंगल में लगभग 10 माह पूर्व जान की बाजी लगाकर अपने छोटे भाई की जान बचाने वाले बालक को राज्य का वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।;
साहसी बच्चों में जिले से एकमात्र, गणतंत्र दिवस पर राजधानी में सम्मान
कोरबा ! जिले के दूरस्थ वनांचल ग्राम गुरमा के जंगल में लगभग 10 माह पूर्व जान की बाजी लगाकर अपने छोटे भाई की जान बचाने वाले बालक को राज्य का वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए कुल 4 बच्चों का चयन किया गया है जिनमें से प्रभु राम कोरबा से एक मात्र बालक है। 26 जनवरी को राजधानी रायपुर मे गणतंत्र सामारोह में इन बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। पिछले दिनों रायपुर में आयोजित राज्य वीरता पुरस्कार निर्णायक समिति के अध्यक्ष कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बच्चों के साहसी कारनामों पर विचार विमर्श कर 4 बच्चों का चयन किया गया।
उल्लेखनीय है कि 27 मार्च 2016 को जिले के वनांचल ग्राम गुरमा निवासी प्रभूराम मंझवार अपने छोटे भाई जोईधा मंझवार के साथ महुआ बीनने के लिए जंगल गया हुआ था। इस दौरान यहं पहुंचे भालू ने दोनों भाईयों पर हमला कर दिया जिससे बचने के लिए प्रभूराम 14 वर्ष किसी तरह महुआ के पेड़ पर चढ़ गया लेकिन उसका छोटा भाई जोईधा पेड़ पर चढऩे की कोशिश कर रहा कि भालू ने उसका पैर पकड़ लिया। प्रभुराम ने अपने भाई की जान संकट में देख अपनी परवाह किये बिना पेड़ से छलांग लगा दी और पास में पड़ी कुल्हाड़ी को उठाकर भालू पर हमला कर दिया। प्रभूराम के ताबड़तोड़ हमले से घबराया भालू वहां से भाग खड़ा हुआ। प्रभूराम अपने भाई को घायल अवस्था में गांव लेकर पहुंचा और फिर परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस तरह प्रभूराम ने पने 7 वर्षीय भाई की जान बड़े ही साहस का परिचय देते हुए बचाई।