रमन के गोठ : नोटबंदी से ईमानदारों का बढ़ा आत्मविश्वास, बेईमानों के हौसले हुए पस्त

रायपुर ! छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए नोटबंदी के फैसले की तारीफ करते हुए कहा- उनके इस ऐतिहासिक, साहसिक, क्रांतिकारी और दूरदर्शी पहल से बेईमानों,;

Update: 2017-01-09 22:20 GMT

 रायपुर ! छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए नोटबंदी के फैसले की तारीफ करते हुए कहा- उनके इस ऐतिहासिक, साहसिक, क्रांतिकारी और दूरदर्शी पहल से बेईमानों, षडय़ंत्रकारियों और स्वार्थी तत्वों के हौसले पस्त हुए हैं, जबकि ईमानदार और देशभक्त जनता का आत्म विश्वास बढा है। जनता को विश्वास हुआ है कि अब देश में ईमानदारी की कदर होगी और बेईमानों को घुटने टेकने पड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ की 17वीं कड़ी में इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपनी रेडियोवार्ता को मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले और कैशलेस अर्थव्यवस्था पर केन्द्रित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के कई स्थानों पर दुकानों, हाट-बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में किए जा रहे कैशलेस लेनदेन की प्रशंसा की। उन्होंने राज्य में नगदी रहित अथवा कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि कैशलेस भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।
 डॉ. सिंह ने ‘रमन के गोठ’ में श्रोताओं को बताया - कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहन देने के लिए छत्तीसगढ़ में अब तक 15 लाख लोग प्रशिक्षित होकर राज्य की ‘डिजिटल आर्मी’ में शामिल हो चुके हैं। राज्य में नगदी रहित अथवा कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने आम जनता के लिए ‘मोर खीसा’ (मेरी जेब) मोबाईल एप्प शुरू किया गया है। डॉ. सिंह ने कहा- इस मोबाईल एप में एक क्लिक पर नगदी रहित लेन-देन के पांच विकल्पों को देखकर किसी भी विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में ग्यारह लाख किसानों को ‘रूपे-कार्ड’ बांटे जा रहे हैं, जो किसानों को कैशलेस लेनदेन में मदद करेंगे। राज्य की बारह हजार राशन दुकानों और नौ हजार सामान्य सुविधा केन्द्रों (सीएससी) को जल्द से जल्द कैशलेस करने का लक्ष्य है। राज्य के सभी शहरों, कस्बों और गांवों में लोगों ने रेडियो पर मुख्यमंत्री की बातों को बड़ी दिलचस्पी से सुना। स्कूली बच्चों में भी ‘रमन के गोठ‘ को लेकर काफी उत्साह देखा गया। राज्य में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों ने इस कार्यक्रम को एक साथ प्रसारित किया।
उन्होंने बताया कि राज्य में कैशलेस लेन-देन में लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए पिछले महीने चलाए गए विशेष अभियान में बीस दिनों के रिकार्ड समय में 15 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें 14 लाख नागरिक और एक लाख व्यापारी शामिल हैं। इन प्रशिक्षित लोगों को हम डिजिटल आर्मी कहते हैं।
 मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कैशलेस लेन-देन में सबसे ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण देने वाला छत्तीसगढ़ भारत का पहला राज्य बन गया है। विगत 31 दिसम्बर तक हमने निर्धारित लक्ष्य से तीन गुना ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण दिलाया है। हर जिले में प्रशासन, पंचायत और विभिन्न विभागों द्वारा पूरी गंभीरता के साथ प्रशिक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। इसके फलस्वरूप ‘कैशलेस-ट्रांजेक्शन’ करने वाले व्यापारियों और आम नागरिकों कीसंख्या तेजी से बढ़ रही है।
डॉ. सिंह ने कहा- मुझे विश्वास है कि बहुत जल्द हम प्रदेश की ढाई करोड़ जनता को कैशलेस लेन-देन के लिए प्रशिक्षित कर लेंगे और राज्य का हर नागरिक हमारी ’डिजिटल आर्मी’ का प्रशिक्षित सैनिक होगा। इससे राज्य में डिजिटल साक्षरता का भी तेजी से विस्तार होगा। उन्होंने कहा- हमारी डिजिटल आर्मी जन-सशक्तिकरण का माध्यम बनेगी और एक पंथ में कई काज करेगी। विगत 9 दिसम्बर को राजधानी रायपुर में इसके लिए मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया था, जो राज्य में ग्राम पंचायतों से लेकर जिला स्तर तक और हाट-बाजारों से लेकर शहरों के व्यापारियों तक को प्रशिक्षित करने में जुट गए हैं। इस प्रकार प्रत्येक नया प्रशिक्षित व्यक्ति मास्टर ट्रेनर बनता गया है।
नोटबंदी से आवास ऋणों के ब्याज में कमी
मुख्यमंत्री ने कहा- नोटबंदी का तोहफा जनता को नये आवास ़ऋणों की ब्याज दर में तीन से चार प्रतिशत तक कमी के रूप में मिलेगा। बैंकों ने पुराने आवास ऋणों की ब्याज दरें भी घटा दी हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने रबी फसल के कृषि ऋणों पर 60 दिनों का ब्याज माफ करने और गर्भवती महिलाओं छह हजार रूपए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) के माध्यम से देने की घोषणा की है। वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों में स्थायी जमा पर आठ प्रतिशत ब्याज देने और लघु उ़द्योगों को दो करोड़ रूपए की गारंटी देने की घोषणा भी प्रधानमंत्री द्वारा की गयी है।   
कैशलेस अर्थव्यवस्था गांव, गरीब
और किसानों के लिए वरदान
मुख्यमंत्री ने कहा- कैशलेस अर्थव्यवस्था गांव, गरीब और किसानों के लिए वरदान है, क्योंकि यह उन्हें उनकी मेहनत और उनके अधिकार का पूरा पैसा दिलाने का माध्यम बनेगी। बड़े व्यापारी या बड़े प्रतिष्ठान बड़े भुगतान करते हैं। उसमें राशि भले अधिक हो, लेकिन संख्या कम होती है। आम जनता की संख्या ज्यादा होती है।
मोबाइल फोन की तरह कैशलेस
लेन-देन भी सीख सकते हैं लोग
डॉ. सिंह ने कहा - गांव-गांव में बच्चे , महिलाओं और बुजुर्ग जब मोबाइल फोन चलाना सीख लेते हैं, तो कैशलेस लेन-देन भी सीख सकते हैं। इसके लिए बहुत पढ़ा-लिखा होने की जरूर नहीं है। अब तो अंगूठे के निशान से ही आप लेन-देन कर सकते हैं। आपका अंगूठा ही बैंक बन जाएगा। प्रधानमंत्री ने इसके लिए ‘भीम एप’ का लोकार्पण किया है, जो आधार कार्ड के माध्यम से लेन-देन के लिए होगा।
ई-वॉलेट से खरीदें मूंगफली, फल और चाय
मुख्यमंत्री ने कहा - जांजगीर-चांपा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय सक्ती के अग्रसेन चौक पर आप प्रकाश मनचन्दानी के ठेले में ई-वालेट से मूंगफली, अकलतरा में संदीप गुप्ता की दुकान से फल और ग्राम सपोस में टेकराम साहू की चाय दुकान में ई-वॉलेट से भुगतान कर सकते हैं। गरियाबंद जिले में ग्राम पंचायत कोकड़ी को जिले की पहली कैशलेस ग्राम पंचायत का दर्जा मिला है। नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पालनार में किराना दुकान से लेकर पंक्चर दुकान तक डिजिटल लेन-देन हो रहा है।

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