वीरमणि मामले पर बोले एमके स्टालिन- दोषी और मदद करने वाला कोई व्यक्ति कानून से नहीं बचना चाहिए
डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नाबालिग लड़कियों के साथ कथित अमानवीय कृत्यों के आरोप में जेम ग्रेनाइट के मालिक वीरमणि की गिरफ्तारी के बाद सख्त कार्रवाई की मांग की है।;
चेन्नई। डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नाबालिग लड़कियों के साथ कथित अमानवीय कृत्यों के आरोप में जेम ग्रेनाइट के मालिक वीरमणि की गिरफ्तारी के बाद सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वीरमणि के साथ उसकी मदद करने या उसे बचाने की कोशिश करने वाला कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर रहा हो, कानून से बचना नहीं चाहिए।
एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि नाबालिग लड़कियों के साथ अमानवीय और घृणित कृत्य करने के आरोप में जेम वीरमणि को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि वीरमणि की मदद करने वाले और उसे बचाने की कोशिश करने वाले सभी लोगों को कानून के सामने लाया जाना चाहिए और उनके लिए अधिकतम सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए। स्टालिन ने कहा कि यही द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का रुख है।
उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक आंदोलन के नेता, परिवार के मुखिया और एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में उनकी इच्छा है कि इस मामले का नतीजा ऐसा हो कि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने के बारे में सोचने तक की हिम्मत न करे।
स्टालिन ने इस मामले को लेकर डीएमके पर लगाए जा रहे आरोपों की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि संकीर्ण राजनीतिक हितों के कारण एक समूह इस मामले में बेवजह डीएमके के खिलाफ झूठे आरोप फैलाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वीरमणि मामले में किसी को बचाने के लिए डीएमके सरकार के दौरान कोई आदेश जारी नहीं किया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराध के मामलों में बिना किसी भेदभाव के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, चार्जशीट दाखिल की गई और दोषियों को सजा दिलाई गई।
उन्होंने कहा कि ये सभी तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और डीएमके सरकार को किसी व्यक्ति को बचाने की कोई जरूरत नहीं थी।
स्टालिन ने मौजूदा टीवीके सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में विधायकों और जिला सचिवों समेत पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ महिलाओं की ओर से सार्वजनिक रूप से यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बावजूद कार्रवाई करने के बजाय समझौता कराने और मामले को बंद करने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि डीएमके सरकार के दौरान इस तरह की घटनाएं नहीं हुईं।
स्टालिन ने सत्तारूढ़ दल के सदस्यों से नाबालिग लड़कियों के साथ हुई घटना को उपचुनाव का राजनीतिक हथियार नहीं बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिए डीएमके के खिलाफ पूरी तरह झूठे आरोप फैलाने बंद किए जाने चाहिए।
स्टालिन ने कहा कि इस पूरे मामले में सभी का एकमात्र उद्देश्य पीड़ित नाबालिग लड़कियों को न्याय दिलाना होना चाहिए और मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को उसके पद या राजनीतिक हैसियत के आधार पर बचाया नहीं जाना चाहिए।