मूट कोर्ट प्रतियोगिता में छात्रों ने विधि की बारिकियों का जाना
शारदा विश्वविद्यालय में तीसरे आनंद स्वरूप गुप्ता मेमोरियल मूट कोर्ट का समापन सर्वोच्य न्यायालय के नयायाधीश जस्टिस ए.के. सिकरी के भाषण के साथ समाप्त हो गया
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में तीसरे आनंद स्वरूप गुप्ता मेमोरियल मूट कोर्ट का समापन सर्वोच्य न्यायालय के नयायाधीश जस्टिस ए.के. सिकरी के भाषण के साथ समाप्त हो गया।
तीन दिनों तक चले इस मूट कोर्ट प्रतियोगिता में देश भर के प्रतियोगियों ने भाग लिया साथ ही निर्णायक मंडल में देश के नामी गिरामी न्यायविदों ने अपने निर्णय से छात्रों को बहुत ही ज्ञान वर्धन किया।
मूट कोर्ट प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल ने एमिटी लॉ कॉलेज को प्रथम तथा गुजरात राष्ट्रीय लॉ विश्वविद्यालय को दूसरा स्थान मिला। आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पीएस. नारायण, पूर्व मुख्य जज कलकत्ता हाईकोर्ट राकेश तिवारी, जामिया मिलिया के डीन, प्रो. अफजल वाणी, पूर्व कानून सचिव पी.के. मल्होत्रा इत्यादि न्यायविदों ने अंतिम दिन हिस्सा लेकर छात्रों को कानून के बारीकियों को समझाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जस्टिस ए.के. सीकरी, न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय भारत रहे। उन्होंने मूट कोर्ट तथा कानून की महत्ता को समझाया। जस्टिस सिकरी ने कहा कि हालांकि अपने दिल्ली विश्वविद्यालय में लॉ के पढ़ाई के दौरान कई मूट कोर्ट प्रतियोगिता के आयोजन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन नियम के अनुसार खुद कभी हिस्सा नहीं ले पाए।
आयोजक संस्थान प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकती है। इसी बीच शारदा विश्वविद्यालय के छात्रों ने गुरुग्राम के एसजीटी यूनिवर्सिटी में मूट कोर्ट प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त करने के लिए उपस्थित सभी लोगों ने बधाई दिया।
जस्टिस सिकरी ने शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर पीके. गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि यहां के छात्रों के स्तर देश के किसी भी उच्च लॉ विद्यालय से बेहतर है। उन्होंने आशा जाहिर किया की भविष्य में भी विधि शिक्षा का स्तर बना रहेगा। चांसलर पी. के. गुप्ता ने उपस्थित कुलपति, कुलसचिव, डीन तथा अन्य आयोजन मंडल में शामिल लोगों को बधाई दिया।