लंदन: विंबलडन 2026 के पुरुष एकल फाइनल के दौरान भारतीय क्रिकेट के तीन अलग-अलग दौर एक साथ नजर आए। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह, युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और 15 वर्षीय क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी सेंटर कोर्ट पर मौजूद थे। इस मौके पर युवराज सिंह ने भारतीय बल्लेबाजी के विकास को हॉलीवुड की मशहूर ‘टर्मिनेटर’ फिल्म सीरीज से जोड़ते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया। युवराज ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह खुद को ‘टर्मिनेटर’, अभिषेक शर्मा को ‘टर्मिनेटर-4’ और वैभव सूर्यवंशी को ‘टर्मिनेटर-6’ मानते हैं। उनके मुताबिक भारतीय क्रिकेट की हर नई पीढ़ी पहले से ज्यादा निडर, आधुनिक और आक्रामक होती जा रही है।
युवराज ने समझाया 'टर्मिनेटर' वाला उदाहरण
युवराज सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने दौर में आक्रामक बल्लेबाजी की एक अलग पहचान बनाई थी, लेकिन नई पीढ़ी ने उस सोच को और आगे पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा खुद को टर्मिनेटर कहता हूं। अब टर्मिनेटर-4 अभिषेक शर्मा है, जो मुझसे कई गुना बेहतर है। उसके बाद टर्मिनेटर-6 वैभव सूर्यवंशी है, जिसने इस खेल को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। मैंने जो शुरुआत की थी, उसे अभिषेक ने आगे बढ़ाया और अब वैभव नई पीढ़ी के लिए नए मानक स्थापित कर रहा है।" युवराज के अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और मानसिकता लगातार विकसित हो रही है और यही बदलाव भारतीय बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।
वैभव सूर्यवंशी के लिए यादगार रहा विंबलडन अनुभव
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दिन खास रहा। उन्हें पहली बार विंबलडन का पुरुष एकल फाइनल देखने का अवसर मिला, जहां इटली के यानिक सिनर ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराकर खिताब अपने नाम किया। पारंपरिक ड्रेस में पहुंचे वैभव ने कहा कि इतने प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का फाइनल देखना उनके लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव रहेगा। उन्होंने बताया कि मैच देखने के लिए उन्होंने जल्दबाजी में कपड़े तैयार किए और इस काम में अभिषेक शर्मा ने उनकी मदद की।
'युवी पाजी मेरे आइडल हैं'
वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि यह पहला अवसर था जब उन्हें युवराज सिंह से व्यक्तिगत रूप से मिलने का मौका मिला। उन्होंने कहा, "युवी पाजी हमेशा से मेरे आइडल रहे हैं। उनसे मिलकर बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। उनके अनुभव और सलाह मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।" टेनिस को लेकर वैभव ने बताया कि वह पिछले चार-पांच वर्षों से इस खेल को लगातार फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल को अपना पसंदीदा खिलाड़ी बताया, जबकि मौजूदा दौर में कार्लोस अल्काराज और यानिक सिनर उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं।
युवराज ने वैभव को बताया 'बॉस बेबी'
युवराज सिंह ने वैभव की तारीफ करते हुए उन्हें एक दिलचस्प उपनाम भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं इसे बॉस बेबी कहता हूं, क्योंकि अब यह गेंदबाजों का बॉस बन चुका है। अभिषेक के साथ मैंने काफी समय बिताया है। अब मैं वैभव के साथ भी काम करना चाहूंगा। वह क्रिकेट को लेकर बेहद गंभीर है और मुझे पूरा विश्वास है कि उसका भविष्य शानदार होगा।" युवराज का मानना है कि कम उम्र में वैभव ने जिस आत्मविश्वास और परिपक्वता का परिचय दिया है, वह उन्हें आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट का बड़ा सितारा बना सकता है।
टर्मिनेटर फिल्म से क्यों की तुलना?
युवराज सिंह ने अपने बयान में जिस 'टर्मिनेटर' का जिक्र किया, वह हॉलीवुड की प्रसिद्ध साइंस-फिक्शन एक्शन फिल्म श्रृंखला है, जिसकी शुरुआत 1984 में हुई थी। इस सीरीज में अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने एक शक्तिशाली साइबॉर्ग की भूमिका निभाई थी। फिल्म के हर नए संस्करण में पहले से अधिक आधुनिक और ताकतवर मशीन दिखाई गई। युवराज ने इसी उदाहरण का इस्तेमाल भारतीय बल्लेबाजी के विकास को समझाने के लिए किया। उनका आशय था कि हर नई पीढ़ी पहले से अधिक उन्नत, आक्रामक और प्रभावशाली बनती जा रही है।
जोकोविच से मिली वापसी की प्रेरणा
युवराज सिंह ने इस दौरान टेनिस के महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 24 ग्रैंड स्लैम जीतना असाधारण उपलब्धि है और जिस तरह जोकोविच कठिन परिस्थितियों में भी लगातार वापसी करते हैं, उससे उन्हें भी कैंसर से लड़ने और क्रिकेट में वापसी करने की प्रेरणा मिली। युवराज ने कहा कि मानसिक मजबूती किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत होती है और जोकोविच इसका बेहतरीन उदाहरण हैं।
अभिषेक शर्मा ने भी साझा की अपनी पसंद
भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने बताया कि उनके पसंदीदा टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल हैं। उन्होंने कहा कि नडाल बाएं हाथ के खिलाड़ी हैं और वह खुद भी लेफ्ट हैंड बल्लेबाज हैं, इसलिए उनके खेल से विशेष जुड़ाव महसूस करते हैं। मौजूदा दौर में अभिषेक यानिक सिनर और अलेक्जेंडर ज्वेरेव के खेल से प्रभावित हैं। उनका कहना था कि जिस तरह ये खिलाड़ी टेनिस पर अपना दबदबा बना रहे हैं, उसी तरह वह भी क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं।
नई पीढ़ी से भारतीय क्रिकेट को बड़ी उम्मीदें
विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट की बदलती पीढ़ियों का प्रतीक भी बन गई। एक ओर अनुभव और संघर्ष की मिसाल युवराज थे, तो दूसरी ओर अभिषेक और वैभव जैसे युवा खिलाड़ी भारतीय बल्लेबाजी के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते दिखाई दिए। युवराज का 'टर्मिनेटर' वाला उदाहरण इसी बात को दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की नई पीढ़ी लगातार पहले से अधिक विकसित, आत्मविश्वासी और आक्रामक होती जा रही है।