'आप कितना दूध पीते हो?': रवि शास्त्री के सवाल पर वैभव सूर्यवंशी का जवाब वायरल, फाइनल अवॉर्ड सेरेमनी में बटोरी सुर्खियां

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में कुल 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। वह पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनकी निरंतरता और आक्रामक अंदाज ने उन्हें बाकी सभी बल्लेबाजों से आगे खड़ा कर दिया।;

Update: 2026-06-01 08:43 GMT

अहमदाबाद। IPL 2026 Final:आईपीएल 2026 का फाइनल खत्म होने के बाद आयोजित अवॉर्ड सेरेमनी में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पूरे कार्यक्रम का केंद्र बन गए। सिर्फ 15 साल की उम्र में उन्होंने जिस तरह पूरे सीजन में बल्लेबाजी की, उसने उन्हें रातों-रात क्रिकेट की दुनिया का सबसे चर्चित चेहरा बना दिया। पूरे टूर्नामेंट में लगातार रन बनाने वाले वैभव को उनके प्रदर्शन का शानदार इनाम मिला और उन्होंने एक साथ पांच बड़े व्यक्तिगत अवॉर्ड अपने नाम किए। इनमें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, ऑरेंज कैप, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और सुपर सिक्सेस ऑफ द सीजन जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार शामिल रहे।

776 रन के साथ जीती ऑरेंज कैप

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में कुल 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। वह पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनकी निरंतरता और आक्रामक अंदाज ने उन्हें बाकी सभी बल्लेबाजों से आगे खड़ा कर दिया। महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में ऑरेंज कैप जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ वह आईपीएल इतिहास में सबसे युवा ऑरेंज कैप विजेता बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन के नाम था, जिन्होंने 23 साल की उम्र में यह सम्मान हासिल किया था।

पांच बड़े अवॉर्ड्स पर किया कब्जा

वैभव के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत उनकी निरंतरता और मैच की परिस्थितियों के अनुसार तेजी से रन बनाने की क्षमता रही। इसी वजह से उन्हें सीजन के कई महत्वपूर्ण पुरस्कार मिले। उन्होंने न सिर्फ सबसे ज्यादा रन बनाए, बल्कि सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाले खिलाड़ी के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का अवॉर्ड इस बात का प्रमाण रहा कि वह सिर्फ रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने वाले खिलाड़ी भी रहे। इसके अलावा सुपर स्ट्राइकर और सुपर सिक्सेस अवॉर्ड ने यह साबित किया कि वह आधुनिक टी20 क्रिकेट की जरूरतों के अनुसार एक विस्फोटक बल्लेबाज हैं।

शास्त्री के सवाल पर मुस्कुराते हुए दिया जवाब

अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान एक दिलचस्प पल तब आया जब पूर्व भारतीय कोच और कमेंटेटर रवि शास्त्री ने वैभव को मंच पर बातचीत के लिए बुलाया। शास्त्री उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से काफी प्रभावित नजर आए और उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में एक सवाल पूछा। उन्होंने पूछा कि इतनी कम उम्र में इतनी ताकत और निडरता आखिर आती कहां से है और मजाक में यह भी पूछा कि क्या वह रोज दूध पीते हैं। इस सवाल पर पूरा मंच मुस्कुरा उठा।वैभव ने बेहद सहजता से जवाब दिया कि वह अब दूध नहीं पीते। उन्होंने कहा कि उनकी बल्लेबाजी का असली राज अपने प्राकृतिक खेल पर भरोसा करना है। उनके अनुसार, अगर उन्हें लगता है कि गेंद उनके अनुकूल है, तो वह बिना झिझक उसे खेलने जाते हैं। उनका यह आत्मविश्वास भरा जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े और यह बातचीत तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

दबाव में खेलना सीखा IPL 2026 से

अवॉर्ड मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 के अनुभवों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस सीजन ने उन्हें क्रिकेट की कई महत्वपूर्ण सीख दी हैं। उनके अनुसार, सबसे बड़ी सीख यह रही कि हर मैच में एक ही मानसिकता के साथ नहीं खेला जा सकता। परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल में बदलाव करना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि कई बार मैच की स्थिति के हिसाब से बल्लेबाजी का तरीका बदलना पड़ता है। वैभव ने कहा कि उन्होंने यह भी सीखा कि टीम की जरूरतों को समझकर खेलना कितना महत्वपूर्ण होता है। खासकर प्लेऑफ जैसे बड़े मुकाबलों में दबाव को संभालना उनके लिए एक बड़ा अनुभव रहा।

भविष्य का बड़ा सितारा बनते वैभव

आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है। इतनी कम उम्र में जिस तरह उन्होंने बड़े मंच पर खुद को साबित किया है, उससे यह साफ है कि वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, आत्मविश्वास और मैच को पढ़ने की क्षमता ने उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग खड़ा किया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले समय में वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी बड़ा प्रभाव छोड़ सकते हैं।

एक सीजन जिसने बदल दी पहचान

आईपीएल 2026 वैभव सूर्यवंशी के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। एक ही सीजन में पांच बड़े अवॉर्ड जीतकर उन्होंने न केवल राजस्थान रॉयल्स बल्कि पूरे टूर्नामेंट में अपनी मजबूत पहचान बना ली। उनका यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और सही अवसर मिलने पर युवा खिलाड़ी भी इतिहास रच सकते हैं।

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