कोलंबो: टी-20 विश्व कप में रविवार को होने वाले भारत-पाकिस्तान महामुकाबले से पहले टीम संयोजन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम एकादश में बदलाव कर सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की जगह लेग स्पिनर कुलदीप यादव को मौका दिया जा सकता है। गावस्कर ने यह टिप्पणी स्टार स्पोर्ट्स के एक कार्यक्रम में की, जहां उन्होंने हालिया मैचों के प्रदर्शन और कोलंबो की पिच को ध्यान में रखते हुए संभावित बदलावों पर अपने विचार रखे।
अर्शदीप का प्रदर्शन चिंता का कारण
गुरुवार को नामीबिया के खिलाफ मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अर्शदीप सिंह लय में नजर नहीं आए। नामीबिया के बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ खुलकर रन बनाए और वह अपने कोटे के चार ओवर भी पूरे नहीं कर सके। गावस्कर ने कहा, “हमारे सभी गेंदबाजों ने विकेट लिए, लेकिन अर्शदीप अपने चार ओवर पूरे नहीं कर पाए। शिवम दुबे ने दो ओवर डाले और हार्दिक पांड्या ने अपना कोटा पूरा किया। इससे संकेत मिलता है कि टीम मैनेजमेंट पाकिस्तान के खिलाफ बदलाव पर विचार कर सकता है।” उनके मुताबिक, अर्शदीप की जगह कुलदीप यादव को शामिल करने का विकल्प मजबूत नजर आता है, खासकर जब पिच स्पिनरों के अनुकूल हो।
श्रीलंकाई पिचों पर स्पिन का महत्व
कोलंबो की पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। गावस्कर ने कहा कि भारत का इतिहास रहा है कि वह उपमहाद्वीप की पिचों पर तीन स्पिनरों के साथ उतरता है। उन्होंने कहा, “श्रीलंका की पिचें स्पिनरों के लिए मददगार होती हैं। भारत पहले भी ऐसे हालात में तीन स्पिनरों के साथ खेल चुका है। मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान के खिलाफ मैच में कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल किया जाएगा।” अगर ऐसा होता है तो भारत की स्पिन तिकड़ी में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती शामिल हो सकते हैं, जो मध्य ओवरों में विपक्ष पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
गेंदबाजी क्रम में बदलाव के संकेत
गावस्कर ने यह भी कहा कि कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नामीबिया के खिलाफ मैच में अपनी गेंदबाजी रणनीति में बदलाव कर पाकिस्तान मुकाबले का संकेत दे दिया है। उन्होंने बताया कि हार्दिक पांड्या से पहला ओवर करवाया गया, जो आमतौर पर अर्शदीप करते हैं। यह संकेत हो सकता है कि टीम मैनेजमेंट पाकिस्तान के खिलाफ नई रणनीति अपनाने की तैयारी में है। गावस्कर ने कहा कि हार्दिक ने पहला ओवर डाला, जिससे यह संकेत मिलता है कि अर्शदीप शायद पाकिस्तान के खिलाफ न खेलें।
वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल की तारीफ
गावस्कर ने वरुण चक्रवर्ती के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वरुण की खासियत यह है कि जब भी उन्हें गेंदबाजी के लिए बुलाया जाता है, वह विकेट लेकर ही लौटते हैं। नामिबिया के खिलाफ वरुण ने केवल दो ओवर डाले। गावस्कर का मानना है कि यदि उन्हें चार ओवर का पूरा कोटा मिलता, तो वह पांच या छह विकेट भी ले सकते थे। अक्षर पटेल ने भी तीन ओवर में दो विकेट लेकर प्रभाव छोड़ा। गावस्कर ने इसे टीम के लिए सकारात्मक संकेत बताया और कहा कि स्पिन विभाग मजबूत नजर आ रहा है।
संजू सैमसन की तकनीक पर सवालअस्वस्थ अभिषेक शर्मा की जगह अंतिम एकादश में शामिल किए गए संजू सैमसन ने तेज शुरुआत की। उन्होंने आठ गेंदों में 22 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के शामिल थे। हालांकि वह अपनी पारी को लंबा नहीं खींच सके। गावस्कर ने सैमसन की बल्लेबाजी तकनीक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी समस्या तकनीकी है। उन्होंने कहा, “संजू क्रीज में बहुत पीछे चले जाते हैं और फ्लिक शॉट खेलने की कोशिश करते हैं। जब वह पारी की शुरुआत करते हैं तो उन्हें अपनी तकनीक में सुधार करना होगा। क्रीज से काफी दूर जाकर खेलने में उन्हें परेशानी हो रही है।” गावस्कर के अनुसार, पाकिस्तान जैसे मजबूत आक्रमण के खिलाफ बल्लेबाजों को अपनी तकनीक में स्थिरता और संतुलन बनाए रखना होगा।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले की अहमियत
टी-20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा से हाई-वोल्टेज माना जाता है। दोनों टीमों के बीच हर गेंद और हर रन का महत्व बढ़ जाता है। ऐसे में टीम संयोजन का चयन निर्णायक भूमिका निभा सकता है। अगर भारत तीन स्पिनरों के साथ उतरता है, तो यह पाकिस्तान की बल्लेबाजी के खिलाफ रणनीतिक कदम हो सकता है। पाकिस्तान के कई बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते रहे हैं, और कोलंबो की पिच इस रणनीति को और मजबूती दे सकती है।
बदलावों की ओर इशारा
सुनील गावस्कर की टिप्पणियां टीम इंडिया के संभावित बदलावों की ओर इशारा करती हैं। अर्शदीप सिंह के हालिया प्रदर्शन और श्रीलंकाई परिस्थितियों को देखते हुए कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है। स्पिनरों की तिकड़ी के साथ उतरना भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, खासकर जब पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला प्रतिष्ठा और अंक दोनों के लिहाज से अहम है। अब सभी की नजरें रविवार के इस महामुकाबले पर होंगी, जहां टीम चयन और रणनीति का असर सीधे नतीजे पर दिखाई देगा।