Riyan Parag Vaping: रियान पराग को मिली सजा, भारत में बैन इस सिगरेट से ड्रेसिंग रूम में लगाया था कश

रियान पराग को IPL के कोड ऑफ कंडक्ट की धारा 2.22 के उल्लंघन का दोषी माना गया। यह धारा खिलाड़ियों के व्यवहार और अनुशासन से संबंधित है। मैच रेफरी अमित शर्मा के सामने पराग ने अपनी गलती स्वीकार भी कर ली, जिसके बाद उन पर जुर्माना लगाया गया।;

Update: 2026-04-30 09:35 GMT

मुंबई। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के दौरान एक अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। ड्रेसिंग रूम के अंदर ई-सिगरेट (वेपिंग) का इस्तेमाल करने के मामले में उन्हें दोषी पाया गया, जिसके बाद उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत काट लिया गया है। इसके साथ ही उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। यह घटना उस समय की है जब राजस्थान रॉयल्स ने पंजाब किंग्स के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ में मुकाबला खेला था।

वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई

यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर रियान पराग का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वे ड्रेसिंग रूम के भीतर ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते नजर आए। चूंकि यह गतिविधि कैमरे में कैद हो गई, इसलिए इसे नजरअंदाज करना संभव नहीं था। वीडियो सामने आने के बाद IPL अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की और कोड ऑफ कंडक्ट के तहत कार्रवाई की।

कोड ऑफ कंडक्ट के तहत दोषी पाए गए

रियान पराग को IPL के कोड ऑफ कंडक्ट की धारा 2.22 के उल्लंघन का दोषी माना गया। यह धारा खिलाड़ियों के व्यवहार और अनुशासन से संबंधित है। मैच रेफरी अमित शर्मा के सामने पराग ने अपनी गलती स्वीकार भी कर ली, जिसके बाद उन पर जुर्माना लगाया गया। 25 प्रतिशत मैच फीस की कटौती के साथ एक डिमेरिट पॉइंट जुड़ना उनके रिकॉर्ड पर भी असर डाल सकता है, खासकर यदि भविष्य में ऐसे और मामले सामने आते हैं।

अधिकारियों ने बताया लापरवाही भरा कदम

IPL और बीसीसीआई के अधिकारियों ने इस घटना को बेहद लापरवाही भरा बताया है। एक अधिकारी के अनुसार, “आज के समय में हर जगह कैमरे मौजूद हैं, ऐसे में ड्रेसिंग रूम में इस तरह का व्यवहार करना जोखिम भरा है। कई खिलाड़ी निजी तौर पर ई-सिगरेट का सेवन करते हैं, लेकिन सार्वजनिक या आधिकारिक स्थानों पर ऐसा करना नियमों के खिलाफ है।” अधिकारियों का मानना है कि खिलाड़ियों को अपने आचरण को लेकर अधिक सतर्क रहना चाहिए।

पहली बार वेपिंग पर जुर्माना

IPL 2026 में यह पहला मामला है जब किसी खिलाड़ी पर वेपिंग के कारण जुर्माना लगाया गया है। हालांकि इससे पहले भी कई कप्तानों और खिलाड़ियों पर अलग-अलग कारणों से आर्थिक दंड लगाए गए हैं, लेकिन ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट का उपयोग करने के कारण दंडित होने वाले रियान पराग पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

राजस्थान रॉयल्स का विवादों से नाता

इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स का नाम पहले भी एक विवाद में आ चुका है। कुछ समय पहले टीम के मैनेजर रोमी भिंडर पर डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के कारण नियमों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। अब पराग का मामला सामने आने के बाद टीम एक बार फिर चर्चा में है।

भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध

भारत में वर्ष 2019 से ही ई-सिगरेट (वेपिंग) पर प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद यदि कोई खिलाड़ी इस तरह की गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उसे न केवल कानून बल्कि क्रिकेट बोर्ड के नियमों का भी उल्लंघन माना जाता है। बीसीसीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, चुनिंदा क्षेत्रों को छोड़कर स्मोकिंग और वेपिंग पर सख्त रोक है, खासकर ड्रेसिंग रूम जैसे आधिकारिक स्थानों में।

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

रियान पराग इस तरह के विवाद में आने वाले पहले क्रिकेटर नहीं हैं। इससे पहले 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी एरॉन फिंच को भी इसी तरह के मामले में चर्चा का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज एबी डिविलियर्स को भी SA20 लीग के दौरान ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते देखा गया था। हालांकि हर मामले में कार्रवाई का स्वरूप अलग-अलग रहा है।

अनुशासन और छवि पर असर

खिलाड़ियों के लिए मैदान के बाहर का व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है जितना कि मैदान के भीतर का प्रदर्शन। ऐसे मामलों से न केवल खिलाड़ी की व्यक्तिगत छवि प्रभावित होती है, बल्कि टीम और लीग की साख पर भी असर पड़ता है। रियान पराग के मामले में भी यही देखा गया कि एक छोटी सी लापरवाही ने उन्हें आर्थिक दंड और आलोचना दोनों दिलाई। यह घटना खिलाड़ियों के लिए एक सीख के रूप में देखी जा रही है कि वे नियमों और अनुशासन का पालन करें, खासकर ऐसे समय में जब हर गतिविधि कैमरों की नजर में होती है।

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