नई दिल्ली: आईपीएल 2026 में एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग सुर्खियों में आ गए हैं। 28 अप्रैल को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान एक वीडियो और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। इन तस्वीरों में रियान पराग ड्रेसिंग रूम के अंदर ई-सिगरेट यानी वैपिंग करते नजर आ रहे हैं। मामला इसलिए और गंभीर हो गया क्योंकि यह घटना किसी निजी स्थान पर नहीं, बल्कि टीम के साझा ड्रेसिंग रूम में हुई, जहां अन्य खिलाड़ी भी मौजूद थे।
भारत में वैपिंग पर प्रतिबंध
इस पूरे विवाद की जड़ भारत में ई-सिगरेट पर लगा प्रतिबंध है। केंद्र सरकार ने ‘प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक्ट, 2019’ के तहत देशभर में ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, भंडारण और उपयोग पर रोक लगाई हुई है। इस कानून का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। ऐसे में एक राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर द्वारा सार्वजनिक रूप से वैपिंग करना कानूनी और नैतिक दोनों ही स्तरों पर सवाल खड़े करता है।
ड्रेसिंग रूम का माहौल और बढ़ी चिंता
तस्वीरों में यह साफ दिखाई दे रहा है कि रियान पराग ड्रेसिंग रूम में बैठे अन्य खिलाड़ियों के बीच वैपिंग कर रहे हैं। यह बात इसलिए ज्यादा चिंता का विषय बन गई है क्योंकि टीम में युवा और नाबालिग खिलाड़ी भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय ड्रेसिंग रूम में 15 वर्षीय खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी समेत कई नए खिलाड़ी भी मौजूद थे। ऐसे माहौल में इस तरह की गतिविधि टीम संस्कृति और अनुशासन पर भी सवाल खड़े करती है।
Riyan parag was caught vaping in dressing room ,how it's allowed inside dressing room bcci whats happening pic.twitter.com/BsYHuunBuj
— cherry_gems (@Introvert2core) April 28, 2026
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर रियान पराग के खिलाफ प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने उनके व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना बताया, जबकि कुछ ने इसे कानून का खुला उल्लंघन कहा। क्रिकेट फैंस के अलावा कई पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपने आचरण से युवाओं के लिए उदाहरण पेश करना चाहिए।
राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट पर भी सवाल
यह विवाद केवल रियान पराग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजमेंट पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। सवाल यह है कि ड्रेसिंग रूम जैसे नियंत्रित वातावरण में ऐसी गतिविधि कैसे होने दी गई? क्या टीम मैनेजमेंट को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर इसे नजरअंदाज किया गया? इन सवालों ने फ्रेंचाइजी की कार्यप्रणाली और अनुशासन व्यवस्था पर भी बहस छेड़ दी है।
BCCI के संभावित कदम
अब सभी की नजर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड इस मामले में क्या रुख अपनाता है। BCCI के पास खिलाड़ियों के आचरण को लेकर सख्त दिशा-निर्देश होते हैं और ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। अगर इस घटना को नियमों का उल्लंघन माना जाता है, तो रियान पराग पर जुर्माना, निलंबन या अन्य सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
खिलाड़ी की छवि पर असर
रियान पराग पहले से ही अपने आक्रामक अंदाज और मैदान पर व्यवहार को लेकर चर्चा में रहते हैं। ऐसे में यह नया विवाद उनकी छवि पर नकारात्मक असर डाल सकता है। एक कप्तान होने के नाते उनसे ज्यादा जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है, खासकर तब जब टीम में कई युवा खिलाड़ी उन्हें रोल मॉडल मानते हैं।
क्या कहते हैं नियम और जिम्मेदारी
क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। ऐसे में खिलाड़ियों का व्यवहार सिर्फ निजी नहीं रहता, बल्कि सार्वजनिक जिम्मेदारी का हिस्सा बन जाता है। ड्रेसिंग रूम में अनुशासन बनाए रखना टीम मैनेजमेंट की भी जिम्मेदारी होती है। इस घटना ने यह सवाल फिर से खड़ा कर दिया है कि क्या आईपीएल जैसी बड़ी लीग में आचार संहिता का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल यह मामला जांच और चर्चा के दायरे में है। BCCI और राजस्थान रॉयल्स की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह विवाद केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहता है या फिर इसके गंभीर परिणाम भी सामने आते हैं। इतना तय है कि इस घटना ने क्रिकेट जगत में अनुशासन, कानून और खिलाड़ियों की जिम्मेदारी पर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।