प्रज्ञान ओझा बने BCCI के नए चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार को भी मिली चयन समिति में जगह

प्रज्ञान ओझा भारतीय क्रिकेट में अपनी स्पिन गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। चयन समिति में वरिष्ठता के आधार पर उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर और घरेलू क्रिकेट के अनुभव को इस भूमिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।;

Update: 2026-10-19 14:35 GMT

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पुरुष क्रिकेट टीम की चयन समिति में बड़ा बदलाव किया है। पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह चयन समिति का नया अध्यक्ष बनाया गया है। अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो गया था। वहीं, पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी चयन समिति में शामिल किया गया है। नई समिति में प्रज्ञान ओझा के अलावा शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार को जगह मिली है। अब इस समिति के सामने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बेहतर खिलाड़ियों का चयन करने और टीम के प्रदर्शन को लगातार मजबूत बनाए रखने की चुनौती होगी।

वरिष्ठता के आधार पर ओझा को मिली जिम्मेदारी

प्रज्ञान ओझा भारतीय क्रिकेट में अपनी स्पिन गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। चयन समिति में वरिष्ठता के आधार पर उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर और घरेलू क्रिकेट के अनुभव को इस भूमिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओझा सितंबर 2025 में बीसीसीआई की पुरुष चयन समिति का हिस्सा बने थे। अब उन्हें समिति की अगुआई करने का अवसर मिला है। चयन समिति के नए सदस्य रमेश पोवार की नियुक्ति की प्रक्रिया बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने पूरी की। समिति में शामिल अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे ने बीसीसीआई मुख्यालय में आवेदनों की जांच और उम्मीदवारों के साक्षात्कार के बाद पोवार के नाम की सर्वसम्मति से सिफारिश की। इसके साथ ही चयन समिति में उनका नया सफर शुरू होगा।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओझा का शानदार रिकॉर्ड

प्रज्ञान ओझा ने भारतीय टीम के लिए तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला है। उन्होंने 24 टेस्ट, 18 वनडे और छह टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 113 विकेट दर्ज हैं, जबकि वनडे में उन्होंने 21 और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 10 विकेट हासिल किए। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 47 रन देकर छह विकेट रहा। घरेलू क्रिकेट में भी ओझा का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 108 प्रथम श्रेणी मैचों में 424 विकेट लिए। उनका आखिरी प्रथम श्रेणी मुकाबला 2018 में बिहार की ओर से उत्तराखंड के खिलाफ था। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में वह डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस का हिस्सा रहे। आईपीएल में उन्होंने 92 मैचों में 89 विकेट हासिल किए। हालांकि, 2015 के बाद वह आईपीएल की किसी टीम में नहीं खेले।

रमेश पोवार के अनुभव से समिति को मिलेगी मजबूती

रमेश पोवार ने भारत की ओर से दो टेस्ट और 31 वनडे अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। 2004 से 2007 के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रहे पोवार ने बाद में कोचिंग के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई। वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने मुंबई और गुजरात की टीमों के साथ काम किया तथा बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी भी निभाई। महिला टीम के साथ उनके कोचिंग कार्यकाल में भारत ने एशिया कप का खिताब जीता था। टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक हासिल किया। पोवार को पहली बार 2018 में भारतीय महिला टीम का मुख्य कोच बनाया गया था। मई 2021 में उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके कोचिंग अनुभव से चयन समिति को खिलाड़ियों की तकनीक, प्रदर्शन और टीम संयोजन का आकलन करने में मदद मिल सकती है।

मिताली राज के साथ विवाद भी रहा चर्चा में

रमेश पोवार का कार्यकाल भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज के साथ विवाद के कारण भी सुर्खियों में रहा। 2018 महिला टी-20 विश्व कप के दौरान मिताली को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले से बाहर रखे जाने पर विवाद बढ़ गया था। मिताली ने पोवार पर भेदभाव करने, अपमानित करने और उनके करियर को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए थे। इस विवाद के बाद पोवार को मुख्य कोच के पद से हटा दिया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें फिर से महिला टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी मिली।

अगरकर के कार्यकाल में भारत ने जीतीं तीन ICC ट्रॉफी

बीसीसीआई ने पूर्व चयन समिति अध्यक्ष अजित अगरकर के योगदान की सराहना करते हुए उनके समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए आभार जताया। अगरकर को जुलाई 2023 में पुरुष चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। बोर्ड के अनुसार, उनके कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट टीम ने तीन आईसीसी ट्रॉफी और दो एशिया कप खिताब जीते। इसके अलावा भारत ने लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किए। अब प्रज्ञान ओझा की अगुआई वाली नई चयन समिति से भी भारतीय क्रिकेट की सफलता का सिलसिला जारी रखने की उम्मीद होगी। समिति के सामने अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती प्रतिभाओं के बीच संतुलन बनाने, भविष्य की टीम तैयार करने और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए मजबूत संयोजन चुनने की अहम जिम्मेदारी होगी।

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