IPL में मेगा डील... मित्तल फैमिली और अदार पूनावाला ने 15,660 करोड़ रुपये में खरीदी राजस्थान रॉयल्स

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की मशहूर फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स में बड़ा निवेश सामने आया है। भारतीय मूल के दिग्गज उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल और उनके बेटे आदित्य मित्तल ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के साथ मिलकर टीम में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर ली है।;

Update: 2026-05-04 03:29 GMT

नई दिल्ली : Investment in Rajasthan Royals: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की मशहूर फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स में बड़ा निवेश सामने आया है। भारतीय मूल के दिग्गज उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल और उनके बेटे आदित्य मित्तल ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के साथ मिलकर टीम में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इस सौदे की कुल कीमत करीब 15,600 करोड़ रुपये (लगभग 1.65 अरब डॉलर) बताई जा रही है। यह आईपीएल इतिहास के बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है, जिसने फ्रेंचाइजी की वैल्यू को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

हिस्सेदारी का पूरा गणित

इस डील के तहत मित्तल परिवार के पास राजस्थान रॉयल्स में करीब 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। वहीं अदार पूनावाला लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी के मालिक होंगे। बाकी 7 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों के पास ही रहेगी, जिसमें प्रमुख रूप से मनोज बडाले शामिल हैं। बडाले पहले से ही टीम के साथ जुड़े रहे हैं और इस नई संरचना में भी उनका अहम योगदान बना रहेगा।

पुराने और नए नेतृत्व का संतुलन

मनोज बडाले की भूमिका इस नए सेटअप में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वे टीम के पुराने अनुभव और नई रणनीति के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करेंगे। क्रिकेट के क्षेत्र में उनके अनुभव और समझ का फायदा टीम को आगे भी मिलता रहेगा। इससे टीम के संचालन में स्थिरता और निरंतरता बनी रहने की उम्मीद है।

सिर्फ आईपीएल नहीं, ग्लोबल ब्रांड है रॉयल्स

राजस्थान रॉयल्स अब केवल एक आईपीएल टीम नहीं, बल्कि एक ग्लोबल क्रिकेट ब्रांड बन चुकी है। इसके पास दक्षिण अफ्रीका की एसए20 लीग में पार्ल रॉयल्स और कैरिबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में बारबाडोस रॉयल्स का भी स्वामित्व है। इस डील में इन सभी टीमों की कुल एंटरप्राइज वैल्यू को शामिल किया गया है, जिससे इसका कुल मूल्य 1.65 अरब डॉलर तक पहुंचा है। यह दर्शाता है कि रॉयल्स ब्रांड की वैश्विक स्तर पर कितनी मजबूत पकड़ है।

मंजूरी के बाद ही पूरी होगी प्रक्रिया

हालांकि यह सौदा अभी पूरी तरह अंतिम नहीं हुआ है। इसके पूरा होने के लिए कई नियामक संस्थाओं की मंजूरी जरूरी है। इनमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई), आईपीएल गवर्निंग काउंसिल, प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और अन्य संबंधित प्राधिकरण शामिल हैं। उम्मीद है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यह डील 2026 की तीसरी तिमाही तक फाइनल हो जाएगी।

लक्ष्मी मित्तल का टीम से खास जुड़ाव

लक्ष्मी मित्तल ने इस निवेश को लेकर अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उन्हें क्रिकेट से खास लगाव है और उनका परिवार भी राजस्थान से जुड़ा हुआ है। मित्तल ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स जैसी टीम का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने टीम की विरासत और उससे जुड़े महान खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे भविष्य में टीम की सफलता का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं।

आदित्य मित्तल ने जताया भविष्य का विजन

आदित्य मित्तल ने आईपीएल को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती खेल लीगों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान रॉयल्स हमेशा से नई प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए जानी जाती रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम की यही पहचान आगे भी कायम रखी जाएगी। उनका फोकस युवा खिलाड़ियों को मौका देने और दुनिया भर की बेहतरीन प्रतिभाओं को जोड़कर टीम को और मजबूत बनाने पर रहेगा। आदित्य ने ‘हल्ला बोल’ की विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।

अदार पूनावाला भी साझेदारी को लेकर उत्साहित

सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने भी इस निवेश को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आदित्य मित्तल के साथ साझेदारी करना उनके लिए खुशी की बात है। पूनावाला ने राजस्थान रॉयल्स को मजबूत विरासत वाली फ्रेंचाइजी बताते हुए कहा कि वे टीम के दीर्घकालिक विकास और सफलता में योगदान देने के लिए उत्सुक हैं।

आईपीएल में बढ़ती निवेश की दौड़

यह डील एक बार फिर दिखाती है कि आईपीएल केवल एक क्रिकेट लीग नहीं, बल्कि एक बड़ा बिजनेस प्लेटफॉर्म बन चुका है। दुनियाभर के बड़े उद्योगपति और निवेशक इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स में हुआ यह निवेश न सिर्फ टीम के लिए, बल्कि पूरे आईपीएल इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा संकेत है कि आने वाले समय में इस लीग की वैल्यू और भी बढ़ने वाली है।

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