मुकुल चौधरी का धमाका: 21 साल के युवा ने दिलाई लखनऊ को रोमांचक जीत, कोलकाता फिर चूका

राजस्थान के 21 साल के मुकुल चौधरी ने गुरुवार को ईडन गार्डेंस स्टेडियम में ऐसी चमक बिखेरी कि लोगों ने दांतों तले अंगुली दबा ली। मुकुल की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के बल पर लखनऊ हारा हुआ मैच जीत गया।

Update: 2026-04-10 07:46 GMT

कोलकाता। ईडन गार्डेंस में गुरुवार को खेले गए मुकाबले में एक नया सितारा उभरकर सामने आया। राजस्थान के 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से ऐसा कमाल किया कि मैच खत्म होते-होते हर तरफ उन्हीं की चर्चा होने लगी। जिस खिलाड़ी को मैच से पहले बहुत कम लोग जानते थे, उसने अपनी ताबड़तोड़ पारी के दम पर लखनऊ को लगभग हारा हुआ मुकाबला जिता दिया। कोलकाता द्वारा दिए गए 182 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ ने आखिरी ओवर तक चले रोमांच में सात विकेट पर 182 रन बनाकर जीत दर्ज की।

मुकुल चौधरी की मैच जिताऊ पारी

मुकुल चौधरी इस मुकाबले के असली हीरो रहे। उन्होंने महज 27 गेंदों में 54 रन ठोक दिए, जिसमें 2 चौके, 7 छक्के शामिल थे। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ झलक रही थी। खास बात यह रही कि उन्होंने ‘हेलीकॉप्टर शॉट’ लगाकर दर्शकों को महेंद्र सिंह धोनी की याद दिला दी।

आखिरी ओवर में पलटा मैच

मुकाबला अंतिम ओवर तक खिंच गया, जहां लखनऊ को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे। मुकुल ने इस ओवर में दो शानदार छक्के जड़ दिए। आखिरी गेंद पर एक रन की जरूरत थी। वह गेंद को बल्ले से नहीं लगा सके, लेकिन विकेटकीपर तक गई गेंद पर मुकुल और आवेश खान ने दौड़कर जीत का रन पूरा कर लिया। इस तरह लखनऊ ने बेहद रोमांचक अंदाज में मुकाबला अपने नाम कर लिया।

मुश्किल हालात में उतरे थे मुकुल

मुकुल उस समय बल्लेबाजी करने आए जब लखनऊ की हालत बेहद खराब थी। टीम का स्कोर 128/7 था। कोलकाता के गेंदबाज पूरी तरह हावी थे। ऐसे दबाव भरे माहौल में मुकुल ने न सिर्फ पारी संभाली, बल्कि मैच का रुख ही बदल दिया। गौरतलब है कि लखनऊ ने उन्हें सिर्फ 2.60 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो अब एक शानदार निवेश साबित होता दिख रहा है।

आयुष बडोनी का भी अहम योगदान

मुकुल से पहले आयुष बडोनी ने भी टीम को संभालने में अहम भूमिका निभाई। बडोनी ने 34 गेंदों में 54 रन बनाए।उनकी पारी में 7 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। बडोनी की पारी ने लखनऊ को मैच में बनाए रखा, जिसका फायदा अंत में मुकुल ने उठाया।

कोलकाता की हार के कारण

कोलकाता की हार के पीछे उसका कमजोर मध्यक्रम बड़ा कारण रहा। कप्तान अजिंक्य रहाणे (41) और अंगकृष रघुवंशी (45) ने अच्छी शुरुआत दी

दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी हुई। यहां से टीम 200 के पार जाती दिख रही थी, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। 

रिंकू सिंह एक बार फिर फ्लॉप रहे

कैमरन ग्रीन (32*) और रोवमैन पावेल (39*) ने समय तो बिताया, लेकिन तेजी से रन नहीं बना सके। इस वजह से कोलकाता बड़ा स्कोर खड़ा करने से चूक गया।

लखनऊ की कसी गेंदबाजी

लखनऊ की जीत में उसके गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा। मोहम्मद शमी ने 4 ओवर में सिर्फ 27 रन दिए। एम सिद्धार्थ और दिग्वेश राठी ने एक-एक विकेट लिया। प्रिंस यादव और आवेश खान को भी एक-एक सफलता मिली। आखिरी ओवरों में कसी गेंदबाजी ने कोलकाता को बड़े स्कोर से रोका।

कैमरन ग्रीन की गेंदबाजी पर नजर

मैच में कैमरन ग्रीन की गेंदबाजी को लेकर भी चर्चा रही। उन्होंने आखिरकार गेंदबाजी की और पहले ही ओवर में ऋषभ पंत (10) को आउट कर दिया।  हालांकि बल्लेबाजी में वह अपनी छाप नहीं छोड़ सके।

एलन फिन के कैच पर विवाद

मैच के दौरान एक विवाद भी देखने को मिला। एलन फिन का कैच सीमा रेखा के पास लिया गया। फील्डर के पैर बाउंड्री के बेहद करीब थे। इसके बावजूद अंपायर ने बिना थर्ड अंपायर की मदद लिए आउट दे दिया, जिस पर सवाल उठे।

टीमों की स्थिति

कोलकाता की चार मैचों में यह तीसरी हार रही। एक मैच बारिश के कारण रद्द हुआ था। लखनऊ की तीन मैचों में यह दूसरी जीत है। 

नए सितारे का उदय

ईडन गार्डेंस में खेला गया यह मुकाबला एक नए सितारे के उदय का गवाह बना। मुकुल चौधरी ने साबित कर दिया कि प्रतिभा को बस एक मौके की जरूरत होती है। उनकी इस पारी ने न सिर्फ लखनऊ को जीत दिलाई, बल्कि उन्हें रातों-रात चर्चा का केंद्र बना दिया। आने वाले मैचों में अब सभी की नजर इस युवा बल्लेबाज पर होगी।

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