ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ठोका दोहरा शतक, 31 साल बाद हुआ ऐसा ‘चमत्कार’

ईशान किशन के लिए यह दोहरा शतक इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने करीब एक दशक बाद फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 200 रन का आंकड़ा पार किया है। उन्होंने साल 2016 में दिल्ली के खिलाफ 273 रन की पारी खेलकर अपने फर्स्ट क्लास करियर का पहला दोहरा शतक लगाया था।;

Update: 2026-09-07 09:19 GMT

चेन्नई: Ishan Kishan Double Century: दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने शानदार दोहरा शतक जड़कर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ खेलते हुए बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 270 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया। इस दौरान उन्होंने 26 चौके और 2 छक्के लगाए। देवदत्त पडिक्कल की गेंद पर चौका जड़कर ईशान ने 200 रन का आंकड़ा पार किया। ईशान यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 301 गेंदों पर 250 रन बनाए, जिसमें 27 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। इसके बाद वह रिटायर्ड हर्ट हुए। उनकी इस पारी ने फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की स्थिति मजबूत करने के साथ भारतीय क्रिकेट में उनकी रेड-बॉल फॉर्म को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।

10 साल बाद फर्स्ट क्लास में दोहरा शतक

ईशान किशन के लिए यह दोहरा शतक इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने करीब एक दशक बाद फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 200 रन का आंकड़ा पार किया है। उन्होंने साल 2016 में दिल्ली के खिलाफ 273 रन की पारी खेलकर अपने फर्स्ट क्लास करियर का पहला दोहरा शतक लगाया था। इसके बाद अब उन्होंने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में यह कारनामा किया है। ईशान के फर्स्ट क्लास करियर में अब 10 शतक हो चुके हैं। मौजूदा पारी को उनके करियर की सबसे प्रभावशाली पारियों में शामिल किया जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे मुकाबले में आई है जहां उनकी टीम को मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन की जरूरत थी।

ईस्ट जोन के लिए भी ऐतिहासिक उपलब्धि

ईशान का दोहरा शतक ईस्ट जोन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। वह दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले ईस्ट जोन के तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले अरुण लाल ने 1986 में और सबा करीम ने 1995 में यह उपलब्धि हासिल की थी। इस तरह करीब 31 साल बाद ईस्ट जोन के किसी बल्लेबाज ने दलीप ट्रॉफी में 200 रन बनाए हैं। ईशान फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले कप्तानों की खास सूची में भी शामिल हो गए हैं। उनसे पहले 1987 में अंशुमान गायकवाड़ ने फाइनल में 216 रन की पारी खेली थी।

बड़े मुकाबलों में ईशान का अलग अंदाज

ईशान किशन ने हाल के वर्षों में बड़े मुकाबलों में अपनी क्षमता दिखाई है। टी20 विश्व कप के फाइनल में उनके अर्धशतक और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में शतकीय पारी ने उनकी मैच जिताऊ क्षमता को साबित किया था। अब दलीप ट्रॉफी के फाइनल में 250 रन की पारी ने एक बार फिर दिखाया कि दबाव वाले मुकाबलों में वह बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं।

क्या टेस्ट टीम में वापसी का रास्ता खुलेगा?

ईशान की इस पारी के बाद सबसे बड़ा सवाल उनकी टेस्ट टीम में वापसी को लेकर है। वह लंबे समय से भारत की टेस्ट टीम से बाहर हैं। उन्होंने 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर दो टेस्ट मैच खेले थे और तीन पारियों में 78 रन बनाए थे, जिसमें एक अर्धशतक शामिल था। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में वापसी के बाद अब रेड-बॉल क्रिकेट में भी उनके शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं के सामने उनकी दावेदारी मजबूत कर दी है। हालांकि टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। दलीप ट्रॉफी फाइनल की यह पारी उनके लिए उस दिशा में एक बड़ा कदम जरूर मानी जा सकती है।

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