IPL 2026: कहां खो गया विश्वकप हीरो संजू सैमसन का फॉर्म? कोच फ्लेमिंग ने किया बचाव

यह वही संजू सैमसन हैं जिन्होंने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर खुद को “बिग मैच प्लेयर” के रूप में स्थापित किया था। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, टाइमिंग और मैच फिनिश करने की क्षमता साफ नजर आई थी। लेकिन आईपीएल में आते ही उनकी लय पूरी तरह गायब दिख रही है।

Update: 2026-04-06 06:57 GMT
चेन्नई। आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है, और इस खराब प्रदर्शन के केंद्र में हैं टीम के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मुकाबले में सैमसन एक बार फिर सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हो गए। 251 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए वह महज 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। यह लगातार तीसरा मैच है, जब सैमसन दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके।

वर्ल्ड कप के हीरो, IPL में संघर्ष क्यों?

यह वही संजू सैमसन हैं जिन्होंने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर खुद को “बिग मैच प्लेयर” के रूप में स्थापित किया था। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, टाइमिंग और मैच फिनिश करने की क्षमता साफ नजर आई थी। लेकिन आईपीएल में आते ही उनकी लय पूरी तरह गायब दिख रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका एक बड़ा कारण ‘कॉन्टेक्स्ट’ का बदलना है। इंटरनेशनल क्रिकेट में खिलाड़ी का रोल अधिक स्पष्ट होता है, जबकि आईपीएल में हर मैच एक नई परीक्षा जैसा होता है-नई टीम, नया कॉम्बिनेशन और लगातार प्रदर्शन का दबाव। यही बदलाव कई बार खिलाड़ियों को उनकी नैसर्गिक खेल शैली से दूर कर देता है।

36 करोड़ का दांव, लेकिन नतीजे निराशाजनक

सीएसके ने इस सीजन में बड़ा दांव खेलते हुए संजू सैमसन को 18 करोड़ रुपये में टीम में शामिल किया, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को भी 18 करोड़ में रिटेन किया गया। टीम मैनेजमेंट की सोच साफ थी-दो अनुभवी भारतीय बल्लेबाज, जो पावरप्ले से लेकर डेथ ओवर्स तक टीम को मजबूती दें।लेकिन अब तक यह रणनीति कागजों तक ही सीमित नजर आई है।

तीन मैच, तीनों में हार
पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे
सैमसन और ऋतुराज-दोनों का फॉर्म खराब
यह स्थिति टीम के संतुलन और रणनीति पर सवाल खड़े कर रही है।

युवा खिलाड़ियों पर भारी निवेश, जोखिम बढ़ा

सीएसके, जो हमेशा अनुभव और स्थिरता के लिए जानी जाती है, इस बार नीलामी में अलग रणनीति अपनाती नजर आई। टीम ने कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर जैसे युवा खिलाड़ियों पर 14.20-14.20 करोड़ रुपये खर्च किए। यानी करीब 28.40 करोड़ रुपये ऐसे खिलाड़ियों पर लगाए गए, जिनके पास सीमित अनुभव है। इस बदलाव ने टीम की पहचान को भी प्रभावित किया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह ‘युवा खून’ पर भरोसा था या ऑक्शन के दौरान जल्दबाजी का फैसला?

RCB ने 250 का पहाड़ खड़ा किया

मैच की बात करें तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 250 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। 15 ओवर तक सीएसके मुकाबले में बनी हुई थी, लेकिन आखिरी पांच ओवरों में 97 रन लुटा दिए। टिम डेविड और कप्तान रजत पाटीदार ने सीएसके के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और मैच का रुख बदल दिया।

नो-बॉल ने बदली तस्वीर

18वें ओवर में अंशुल कंबोज ने टिम डेविड को बोल्ड कर दिया था, लेकिन वह गेंद नो-बॉल निकली। इसके बाद डेविड ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच पूरी तरह पलट दिया। कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, “दबाव में सटीक निष्पादन जरूरी होता है। नो-बॉल ने करीब 40 रन का अंतर पैदा कर दिया। छोटी गलतियां बड़े नुकसान में बदल गईं।”

फ्लेमिंग बोले- समय लगेगा

सैमसन के खराब फॉर्म पर कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने उनका बचाव किया है। उन्होंने कहा कि नई टीम में ढलने में समय लगता है, खासकर जब खिलाड़ी लंबे समय तक किसी एक फ्रेंचाइजी के साथ रहा हो। फ्लेमिंग ने कहा, “वह पूरी तरह फिट हैं और रन बनाने के लिए उत्सुक हैं। टीम में कई बदलाव हुए हैं, इसलिए तालमेल बैठाने में थोड़ा वक्त लगेगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि टी20 क्रिकेट में फॉर्म तेजी से बदलता है और सैमसन जैसे खिलाड़ी कभी भी मैच का रुख बदल सकते हैं।

कप्तान ऋतुराज ने ली जिम्मेदारी

टीम की हार के बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने जिम्मेदारी खुद पर ली। उन्होंने कहा, “अगर मैं टॉप ऑर्डर में थोड़ा और योगदान देता, तो हम यह लक्ष्य हासिल कर सकते थे।” ऋतुराज खुद भी इस मैच में सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे टीम को शुरुआती झटका लगा।

मिडिल ऑर्डर ने दी उम्मीद

हालांकि टीम की शुरुआत खराब रही और स्कोर 30/3 हो गया, लेकिन मिडिल ऑर्डर ने कुछ हद तक वापसी की कोशिश की।

सरफराज खान – 50 रन

प्रशांत वीर – 43 रन
जेमी ओवरटन – 37 रन

इन पारियों की बदौलत टीम ने संघर्ष किया, लेकिन अंततः 43 रन से हार का सामना करना पड़ा।

CSK का असली संकट: पहचान की कमी

इस सीजन में सीएसके की सबसे बड़ी समस्या उसका “पहचान संकट” नजर आ रहा है।

ओपनिंग कॉम्बिनेशन अस्थिर

मिडिल ऑर्डर में स्पष्टता की कमी
युवा खिलाड़ियों पर अधिक निर्भरता
सीनियर खिलाड़ियों का खराब फॉर्म

ये सभी कारक मिलकर टीम को कमजोर बना रहे हैं।

सैमसन के लिए आगे का रास्ता

संजू सैमसन के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन उनके पास वापसी का पूरा मौका है।

उन्हें खुद को समय देना होगा

हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश छोड़नी होगी
अपने नैसर्गिक खेल पर भरोसा करना होगा
सीएसके फिलहाल अंक तालिका में सबसे नीचे है और उसे जल्द वापसी करनी होगी। टीम का अगला मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ घरेलू मैदान पर है, जहां वह जीत की तलाश में उतरेगी।

कहानी अभी बाकी है

आईपीएल लंबा टूर्नामेंट है और तीन मैच किसी भी टीम या खिलाड़ी का अंतिम मूल्यांकन नहीं हो सकते। संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी एक ही पारी में पूरी कहानी बदलने की क्षमता रखते हैं। वहीं, सीएसके का इतिहास भी बताता है कि यह टीम मुश्किल हालात से वापसी करना जानती है। फिलहाल सवाल ज्यादा हैं और जवाब कम, लेकिन टी20 क्रिकेट की यही खासियत है-यहां हर मैच के साथ कहानी बदलती है। शायद अगली ही पारी में संजू सैमसन फिर से हीरो बन जाएं।

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