T-20 में भारत का दमदार पलटवार, न्यूजीलैंड पर 48 रन की बड़ी जीत, अभिषेक-रिंकू की दमदार पारी

टी-20 रैंकिंग में नंबर एक टीम होने का दावा भारत ने मैदान पर पूरी मजबूती से साबित किया। आक्रामक बल्लेबाजी, बेहतर रणनीति और दबाव बनाने वाली अप्रोच के दम पर भारत ने न्यूजीलैंड को हर विभाग में पीछे छोड़ते हुए 48 रन से जीत दर्ज की।

Update: 2026-01-21 21:40 GMT

नागपुर। वनडे सीरीज में निराशाजनक हार के ठीक एक सप्ताह बाद भारतीय टीम जब नागपुर के वीसीए स्टेडियम में पहले टी-20 मुकाबले के लिए उतरी, तो वह पूरी तरह बदले हुए तेवरों के साथ नजर आई। प्रारूप बदला तो भारतीय टीम का रवैया, ऊर्जा और आत्मविश्वास भी जमीन-आसमान के अंतर के साथ दिखाई दिया। टी-20 रैंकिंग में नंबर एक टीम होने का दावा भारत ने मैदान पर पूरी मजबूती से साबित किया। आक्रामक बल्लेबाजी, बेहतर रणनीति और दबाव बनाने वाली अप्रोच के दम पर भारत ने न्यूजीलैंड को हर विभाग में पीछे छोड़ते हुए 48 रन से जीत दर्ज की। इसके साथ ही पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली।

नागपुर में बदला माहौल, बदली सोच

वनडे सीरीज में भारतीय टीम की बॉडी लैंग्वेज और आत्मविश्वास पर सवाल उठे थे, लेकिन टी-20 में उतरते ही माहौल पूरी तरह बदला हुआ दिखा। खिलाड़ियों के बीच बेहतर टीम बांडिंग, स्पष्ट रोल और आक्रामक मानसिकता साफ नजर आई। कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुआई में भारतीय टीम ने पहले ही मैच से यह संदेश दे दिया कि टी-20 प्रारूप में वह किसी भी टीम को दबाव में ला सकती है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला भारत के पक्ष में गया और बल्लेबाजों ने इस फैसले को पूरी तरह सही साबित किया।

भारत की आक्रामक मंशा साफ

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में सात विकेट पर 238 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 में भारत का सर्वोच्च स्कोर है और कुल मिलाकर कीवी टीम के विरुद्ध बने सबसे बड़े स्कोरों में तीसरे स्थान पर है। इस पारी की नींव अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह की बेखौफ बल्लेबाजी ने रखी, जबकि कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी अहम भूमिका निभाई।

शुरुआती झटके, लेकिन घबराया नहीं भारत

भारतीय पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। संजू सैमसन (10) और इशान किशन (8) अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। पावरप्ले में दो विकेट गिरने से न्यूजीलैंड को लगा कि वह मैच में वापसी कर सकता है। लेकिन इसके बाद क्रीज पर मौजूद अभिषेक शर्मा ने हालात को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने न केवल पारी को संभाला, बल्कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर आक्रामक हमला बोलकर मैच की दिशा ही बदल दी।

अभिषेक शर्मा का तूफान, कीवी गेंदबाज बेबस

दुनिया के नंबर एक टी-20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने नागपुर में अपनी क्लास और ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 84 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें आठ छक्के और पांच चौके शामिल थे। अभिषेक की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत रही उनकी तेज बैट स्पीड और गेंद को मैदान के हर हिस्से में भेजने की क्षमता। न्यूजीलैंड के गेंदबाज उनके सामने पूरी तरह बेबस नजर आए और फील्डर सिर्फ दर्शक बनकर रह गए।

पहली पांच गेंदें संभलकर, छठी पर इरादे साफ

अभिषेक ने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी के खिलाफ पहली पांच गेंदों में संभलकर बल्लेबाजी की। लेकिन छठी गेंद पर उन्होंने लंबा छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। यह छक्का सीधे साइट स्क्रीन की ओर गया और इसके साथ ही मानो छक्कों की बरसात शुरू हो गई। इसके बाद अभिषेक ने एक के बाद एक बड़े शॉट लगाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण की लय पूरी तरह बिगाड़ दी।

तेज गेंदबाजों की रफ्तार भी नहीं रोक पाई अभिषेक को

न्यूजीलैंड के पास काइल जैमीसन और क्रिस्टियन क्लार्क जैसे लंबे कद के तेज गेंदबाज थे, लेकिन उनकी 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार भी अभिषेक के सामने बेअसर साबित हुई। सपाट पिच पर गेंदें बार-बार बाउंड्री के पार जाती रहीं। अभिषेक ने फ्रंट फुट और बैक फुट दोनों पर बेहतरीन शॉट खेले और पुल, कट व ड्राइव से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

स्पिन के खिलाफ भी वही आक्रामकता

स्पिनर ग्लेन फिलिप्स के खिलाफ भी अभिषेक ने कोई नरमी नहीं दिखाई। उन्होंने पहले ही ओवर में चार छक्के जड़कर दबाव पूरी तरह बल्लेबाजों के पक्ष में कर दिया। इसके बाद अपनी पहली तीन बाउंड्री भी फिलिप्स की गेंदों पर ही लगाईं। मैदान के चारों ओर शॉट खेलते हुए उन्होंने न्यूजीलैंड की फील्डिंग को पूरी तरह तोड़ दिया और रन गति लगातार ऊंची बनाए रखी।

सूर्यकुमार यादव के साथ निर्णायक साझेदारी


अभिषेक शर्मा को कप्तान सूर्यकुमार यादव का भी भरपूर साथ मिला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए महज 47 गेंदों में 99 रनों की साझेदारी हुई।सूर्यकुमार यादव ने 32 रन की अहम पारी खेली और अभिषेक को खुलकर खेलने का पूरा मौका दिया। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया और न्यूजीलैंड की वापसी की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

भारत की रफ्तार बरकरार

अभिषेक शर्मा की पारी का अंत लेग स्पिनर ईश सोढ़ी की गेंद पर हुआ। सोढ़ी ने लेंथ में थोड़ा बदलाव किया और काइल जैमीसन ने बाउंड्री पर शानदार कैच लपका। हालांकि अभिषेक के आउट होने के बाद भी भारतीय फैंस को निराश होने की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि इसके बाद रिंकू सिंह क्रीज पर आए और उन्होंने रन गति को और तेज कर दिया।

रिंकू सिंह की धमाकेदार वापसी

रिंकू सिंह ने लंबे समय बाद एक प्रभावशाली पारी खेलते हुए अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने 20 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाए और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर आखिरी ओवरों में करारा प्रहार किया। खास तौर पर डेरिल मिशेल के आखिरी ओवर में रिंकू ने 21 रन बटोरकर भारत को 238 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी में ताकत और टाइमिंग का शानदार मिश्रण देखने को मिला।

लक्ष्य का पीछा, लेकिन न्यूजीलैंड दबाव में

239 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में रन गति को काबू में रखा, जिससे कीवी बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने पड़े। हालांकि न्यूजीलैंड ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन लगातार विकेट गिरने से वे लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच सके और सात विकेट पर 190 रन ही बना पाए।

भारत की फील्डिंग में सुधार की गुंजाइश


हालांकि भारत की जीत दमदार रही, लेकिन फील्डिंग में कुछ कमजोरियां भी नजर आईं। रिंकू सिंह ने जसप्रीत बुमराह की गेंद पर मार्क चैपमैन का कैच टपकाया। 19वें ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर इशान किशन ने डेरिल मिशेल का आसान कैच छोड़ दिया, जबकि संजू सैमसन ने 10वें ओवर में ग्लेन फिलिप्स का आसान रनआउट मौका गंवा दिया। ये चूकें करीबी मुकाबलों में महंगी साबित हो सकती हैं।

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 में सर्वोच्च स्कोर

245/5 – ऑस्ट्रेलिया, ऑकलैंड, 2018

241/3 – इंग्लैंड, नैपियर, 2019

238/7 – भारत, नागपुर, 2026

236/4 – इंग्लैंड, क्राइस्टचर्च, 2025

234/4 – भारत, अहमदाबाद, 2023

टी-20 में भारत का दबदबा कायम

नागपुर का यह मुकाबला साफ संकेत देता है कि टी-20 प्रारूप में भारतीय टीम की ताकत अलग ही स्तर की है। आक्रामक बल्लेबाजी, स्पष्ट रणनीति और आत्मविश्वास के साथ भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर सीरीज की शानदार शुरुआत की है। अब नजरें इस बात पर होंगी कि भारतीय टीम इस लय को बाकी मुकाबलों में कैसे बरकरार रखती है और क्या फील्डिंग की छोटी-छोटी गलतियों को समय रहते सुधार पाती है या नहीं।

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