अंताल्या :अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बावजूद फीफा ने साफ कर दिया है कि 2026 फुटबॉल विश्व कप के कार्यक्रम में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि ईरान की राष्ट्रीय टीम अपने निर्धारित ग्रुप मैच अमेरिका में ही खेलेगी। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि टूर्नामेंट का शेड्यूल ड्रा के अनुसार ही रहेगा।
ईरान की मांग ठुकराई
हाल ही में ईरान फुटबॉल महासंघ ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने ग्रुप मैचों को अमेरिका से मेक्सिको स्थानांतरित करने की मांग की थी। महासंघ का कहना था कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों और अमेरिका की सैन्य गतिविधियों को देखते हुए खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। हालांकि, फीफा ने इस मांग को खारिज कर दिया। तुर्किये के अंताल्या में ईरान और कोस्टा रिका के बीच खेले गए एक मैत्री मैच के दौरान इंफेंटिनो ने कहा, “मैच वहीं होंगे, जहां ड्रा के अनुसार तय किए गए हैं। हमें विश्वास है कि सब कुछ सुचारू रूप से आयोजित होगा।”
अमेरिका में ही होंगे ईरान के मुकाबले
फीफा के निर्णय के अनुसार, ईरान की टीम अपने तीनों ग्रुप मैच अमेरिका में ही खेलेगी। इनमें से दो मुकाबले लॉस एंजिलिस में और एक सिएटल में आयोजित होंगे। ईरान ग्रुप जी का हिस्सा है, जिसमें बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड जैसी टीमें शामिल हैं। यह ग्रुप प्रतिस्पर्धा के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
तीन देशों में होगा विश्व कप
2026 का फीफा विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में आयोजित किया जाएगा। यह पहली बार है जब विश्व कप तीन देशों की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स पर पहले से ही विशेष ध्यान दिया जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
ट्रंप का बयान: ‘ईरान की टीम का स्वागत है’
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ईरान की टीम का अमेरिका में स्वागत है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं हो सकती हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संभावित खतरे का स्रोत अमेरिका नहीं होगा। उनके इस बयान को कूटनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरानी टीम अंताल्या में कर रही तैयारी
फिलहाल ईरान की राष्ट्रीय टीम तुर्किये के अंताल्या में ट्रेनिंग कैंप कर रही है। टीम विश्व कप की तैयारियों में जुटी है और आने वाले मुकाबलों के लिए रणनीति पर काम कर रही है। फीफा अध्यक्ष इंफेंटिनो ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहयोग और सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया है।
टीम चयन को लेकर भी विवाद
विश्व कप से पहले ईरानी टीम के भीतर भी विवाद सामने आया है। यूएई में खेलने वाले स्टार स्ट्राइकर सरदार अजमौन को ट्रेनिंग कैंप से बाहर कर दिया गया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें सरकार के प्रति कथित “अविश्वास” के कारण हटाया गया। यह विवाद तब बढ़ा जब अजमौन ने दुबई के शासक मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। इस फैसले ने टीम के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा छेड़ दी है।
सुरक्षा बनाम खेल: बड़ा सवाल
ईरान के मैच अमेरिका में आयोजित करने के फैसले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या खेल को राजनीति और सुरक्षा चिंताओं से अलग रखा जा सकता है। फीफा का मानना है कि खेल एक वैश्विक मंच है, जहां सभी देशों को समान अवसर मिलना चाहिए और राजनीतिक तनाव के बावजूद टूर्नामेंट को प्रभावित नहीं होना चाहिए।