बहनों ने भाई को रोली का टीका लगाया
पांच दिवसीय महापर्व दीपावली के अंतिम दिन नगर सहित ग्रामीण अंचलों में मातर एवं भाई दूज का पर्व पारंपरिक रीति रिवाज से मनाया गया
खरोरा। पांच दिवसीय महापर्व दीपावली के अंतिम दिन नगर सहित ग्रामीण अंचलों में मातर एवं भाई दूज का पर्व पारंपरिक रीति रिवाज से मनाया गया। नगर समेत अंचलों में शनिवार को भाई दूज का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया द्य भाई दूज के अवसर पर बहनों ने रोली- रोचने का तिलक लगाकर भाइयों की आरती उतारी वहीं भाइयों ने भी बहनों की सदैव रक्षा करने का वचन दिया। भाई दूज का पर्व मूल रूप से बहनों के प्रति भाइयों के वचन व रक्षा का पर्व माना जाता है।
शनिवार को भी परंपरा अनुसार सुबह बिना अन्न ग्रहण किए बहनों ने उपवास रखकर सुबह शुभ मुहूर्त में भाइयों को टीका लगाकर उनकी आरती उतारी द्य भाइयों ने भी बहनों का आशीर्वाद लेकर सदैव उनकी रक्षा करने का वचन दिया द्य उत्साह पूर्वक मनाया गए इस पर्व में कहीं भाई बहन के पास पहुंचे तो कहीं बहनों के भाई के घर जाकर उनकी आरती उतारी।